तमाम संगीन वारदात का खुलासा करने में नाकाम थानेदारों पर डीआईजी के अल्टीमेटम का भी असर पड़ता नहीं दिख रहा है। उलझी हुई गुत्थियां सुलझाने के लिए मिले सात में से पांच दिन तो बातों में ही बीत गए। अब अगले 48 घंटों में रहस्य से पर्दा उठाने की चुनौती है, लेकिन उम्मीद न के बराबर ही लग रही है। अभी तक तो किसी भी मामले में ठोस सुराग तक नहीं लग पाया है।
डीआईजी लक्ष्मी सिंह से एक दिन पहले एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने भी तमाम थानेदारों की क्लास लगाई थी। केस न खुलने पर फाइलें भी खुलवा दी गई थीं। शायद उम्मीद रही होगी कि सख्ती का कुछ न कुछ असर जरूर होगा। सभी न सहीं, लेकिन एक वारदात तो खुल ही जाएगी।
लेकिन थानेदारों ने तो हद ही कर दी। इन पांच दिनों में कितनी भागदौड़ की, यह तो वही जाने, लेकिन कुल मिलाकर नतीजा कुछ नहीं है।
खंदौली की बैंक डकैती के 16 दिन बाद हुलिए के आधार पर बदमाशों के स्केच बनवाए गए। इन्हें थाने की दीवार तक पर नहीं लगाया गया है।
यही हाल न्यू आगरा थाना पुलिस द्वारा लॉयर्स कॉलोनी डकैती और कागारौल पुलिस द्वारा पशु व्यापारियों से हुई एक करोड़ की लूट में बनवाए गए स्केचों का रहा। इन्हें भी सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा करने के बजाय पुलिसवाले अपनी जेब में लिए घूम रहे हैं। उधर, अल्टीमेटम केबाद जगदीशपुरा क्षेत्र के विनय नगर में लोहा कारोबारी के मुनीम से 2.5 लाख की लूट दिनदहाड़े हुई। ताजगंज केफतेहाबाद रोड पर हैदराबाद की महिला डाक्टर से पर्स लूटा गया। हरीपर्वत के बाग मुजफ्फर खां में चौकीदार को बंधक बनाकर लाखों की लूट हो चुकी है। इसके अलावा हरीपर्वत क्षेत्र में दो लोगों को गोली मारे जाने की घटना भी हो चुकी है। शाहगंज के पृथ्वीनाथ फाटक पर सराफ संजय वर्मा की हत्या की गई। इसके दो बदमाश पब्लिक ने पकड़ लिए, जबकि फरार हुए तीसरे को पुलिस नहीं पकड़ पा रही है।
बड़ी चुनौती
1. ग्रोवर दंपति हत्याकांड : इसका खुलासा हरीपर्वत थाना पुलिस को करना है।
2. लॉयर्स कॉलोनी डकैती : इसकी चुनौती न्यू आगरा थाना पुलिस के सामने है।
3. बिट्टू अपहरण कांड : इसकी पहेली भी न्यू आगरा पुलिस को सुलझानी है।
4. सीकरी डबल मर्डर : इसके अपराधी फतेहपुर सीकरी थाना पुलिस को पकड़ने हैं।
5. एक करोड़ की लूट : इसके रहस्य से पर्दा कागारौल थाना पुलिस को उठाना है।
6. प्रिंस अपहरण कांड : इसके अपराधी पकड़ने का जिम्मा शमसाबाद थाना पुलिस का है।
7. जाजऊ की डकैती : सैंया थाना पुलिस को दिया गया है इसका टारगेट।
8. पांच लाख की लूट : शमसाबाद पुलिस को मिला था इसके खुलासे का अल्टीमेटम ।
9. मऊ रोड फैक्ट्री लूटकांड : चोरी में दर्ज की गई यह लूट न्यू आगरा थाना पुलिस को खोलनी है।
10. कैदी फरारी कांड : दीवानी कचहरी से भागा कैदी उपनेश वर्मा न्यू आगरा पुलिस को ढूंढना है।
संगीन वारदात के खुलासे के लिए सात दिन का समय दिया गया था। इन तमाम मामलों की प्रगति की बुधवार से समीक्षा की जाएगी। - लक्ष्मी सिंह ( डीआईजी )