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पूर्व एमएलसी के समधी के बेटे-भतीजे ने कराई थी कर्मवीर की हत्या
17 लाख की सुपारी देकर बुलवाए थे हरियाणा और भरतपुर से शार्प शूटर छाता पुलिस ने सात आरोपी पकड़े, हथियार और बाइक बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
मथुरा। कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी के भाई लेखराज सिंह (पूर्व एमएलसी) के समधी सरमन प्रधान के बेटे और भतीजे ने 15 लाख की सुपारी देकर कर्मवीर की हत्या कराई थी। छाता पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए दो शार्प शूटरों समेत सात हत्यारोपियों को पकड़ा है। एक हत्यारोपी पुलिस की पकड़ से दूर बना है।
सरमन प्रधान की हत्या के मामले में जेल में निरुद्ध कर्मवीर को पुलिस वैन में 16 अगस्त को छाता की मुंसिफ कोर्ट में पेशी पर लाया गया था। पेशी से लौटते वक्त पुलिस वैन पर हमला हुआ। इस हमले में कर्मवीर के कंधे में गोली लगी थी। कर्मवीर की जयपुर में 28 अगस्त को मौत हो गई। छाता पुलिस ने रविवार को मुठभेड़ में गोहारी रोड से सात हत्यारोपियों को पकड़कर खुलासा कर दिया।
एसपी देहात आदित्य शुक्ला ने बताया कि कोतवाली प्रभारी शिवप्रताप सिंह और स्वाट टीम प्रभारी प्रदीप कुमार ने सात हत्यारोपियों को पकड़ा है। पकड़े गए हत्यारोपियों से हथियार और बाइक बरामद हुई है। सरमन प्रधान के बेटे महेंद्र सिंह और भतीजे ज्ञानेंद्र ने 17.5 लाख रुपये की सुपारी देकर हरियाणा और भरतपुर से कर्मवीर की हत्या के लिए दो शार्प शूटर बुलवाए थे। 15 लाख रुपये पेशगी भी दे दी थी। इन दो शार्प शूटरों ने रामवीर सिंह और अजित के साथ मिलकर कर्मवीर की हत्या की थी। एसएसपी बबलू कुमार ने पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।
यह था मामला
मथुरा। कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण के भाई लेखराज सिंह के समधी सरमन प्रधान की 13 जनवरी-2018 को फार्म से लौटते वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रंजिश में हुई हत्या के कारण कर्मवीर समेत सात पर हत्या का आरोप लगा था। कर्मवीर तभी से हत्या के आरोप में मथुरा जेल में बंद था। 16 अगस्त को पेशी पर लौटते वक्त पुलिस वैन पर हमला करके कर्मवीर को गोली मारी गई थी। 28 अगस्त को कर्मवीर की मौत हो गई।
यह चढ़े छाता पुलिस के हत्थे
कोसी के धर्मनगर निवासी रामवीर, भरतपुर के गांव रिठौरी निवासी गोविंद, फरीदाबाद के गांव अजरौंदा निवासी शिवा (दोनों शार्प शूटर), छाता के गांव गुहारी निवासी ज्ञानो उर्फ ज्ञानेंद्र, गोहारी निवासी महेंद सिंह, ऊधम सिंह, गजेंद्र सिंह (तीनों सगे भाई)।