मैनपुरी। कोतवाली क्षेत्र के गांव भोजपुरा में सोमवार देर रात संदिग्ध परिस्थिति में जली महिला की मौत हो गई। जानकारी मिलने के बाद पहुंचे मायके पक्ष के लोगों ने मृतका के पति से हाथापाई की। पुलिस ने बीच बचाव कर उसे छुड़ाया। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया।
जनपद फर्रुखाबाद के थाना क्षेत्र मोहम्मदाबाद के गांव अलावपुर निवासी मीरा की शादी करीब आठ वर्ष पूर्व थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव भोजपुरा निवासी जितेंद्र पाल के साथ हुई थी। कुछ समय बाद मीरा की छोटी बहन उर्मिला की शादी भी उसके देवर टिंकू के साथ हो गई थी।
सोमवार रात को मीरा संदिग्ध परिस्थिति में गंभीर रूप से झुलस गई। घर के एक कमरे में ही उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने शव कमरे से निकालने के बाद सील किया।
मंगलवार सुबह मायके पक्ष के लोग जब गांव भोजपुरा पहुंचे तो मीरा के पति जितेंद्र व अन्य परिवारीजनों के साथ हाथापाई करना शुरू कर दिया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच बचाव कर मायके पक्ष के लोगों को शांत कराया। परिवारीजनों ने आरोप लगाया कि मीरा की हत्या की गई है।
हालांकि गांव के लोग और पुलिस घटना को आत्महत्या मान रही है। जानकारी मिलने के बाद सदर विधायक राजकुमार यादव भी पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे थे। उधर, थाना पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या या आत्महत्या के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
गांव भोजपुरा निवासी मृतका मीरादेवी की सबसे छोटी बहन निर्मला की बारात सोमवार को आई थी। उसकी छोटी बहन उर्मिला व टिंकू समारोह में शामिल होने गए थे। मगर पति ने मीरा को शादी में शामिल नहीं होने दिया था।
शादी में जाने पर उसने तलाक की चेतावनी दी थी। इससे मीरा परेशान थी। मायके पक्ष का यह भी आरोप है कि छोटी बहन की शादी का निमंत्रण देने के बाद भी पति व ससुरालीजनों ने मीरा को शादी में शामिल नहीं होने दिया। आरोप है कि मीरा को कोई बच्चा नहीं होने के कारण भी पति तलाक की चेतावनी देता रहता था।
कोतवाली क्षेत्र के गांव भोजपुरा में एक ओर मीरा ने दम तोड़ा। वहीं दूसरी ओर उसकी छोटी बहन निर्मला की भांवर पड़ रही थी। ऐसे में इस घटना के बारे में निर्मला को बिना कुछ बताए चाचा व कुछ परिवारीजन शादी व फेरों की रस्म कराते रहे।
इस बीच निर्मला को पता चला कि उसकी बहन अब इस दुनिया में नहीं है तो उसकी जमीन खिसक गई। परिवार के लोगों ने उसे समझा बुझाकर रस्म पूरी कराईं। विदाई करने के बाद सभी परिवारीजन गांव भोजपुरा के लिए रवाना हो गए।