दहेज हत्या के मामले में लिए गए 14 लाख रुपये मांगने पर दबंगों ने सिपाही के सीने में गोली दाग दी। जिसे परिवारीजनों ने जिला अस्पताल से गंभीर हालत में आगरा चिकित्सालय में भर्ती कराया। मामले की रिपोर्ट सिपाही के भाई ने थाना सकीट में पांच लोगाें के खिलाफ दर्ज कराई है।
थाना मलावन क्षेत्र के गांव नगला दयाराम निवासी संजीव आगरा पुलिस लाइन में तैनात है। पांच दिन पहले वह छुट्टी पर घर आया था। जहां से वह थाना सकीट क्षेत्र के गांव रैवाडी निवासी चरनसिंह के घर अपने 14 लाख रुपये मांगने के लिए गया था। रुपये मांगते समय गुरुवार शाम को दोनों के बीच कहासुनी होने लगी। उसी समय चरनसिंह ने अपने चार अन्य लोगों के साथ मिलकर सिपाही पर जानलेवा हमला करते हुए उसके सीने में गोली मार दी। जानकारी पाकर पहुुंचे परिवारीजनों ने पुलिस की मदद से सिपाही को जिला अस्पताल में आनन-फानन में भर्ती कराया। जहां से चिकित्सकों ने सिपाही को गंभीर बता आगरा रेफर कर दिया। घटना की रिपोर्ट घायल सिपाही गौरव ने थाना सकीट में चरनसिंह सहित पांच लोगों के खिलाफ दर्ज कराई है।
दहेज हत्या के मामले होना था फैसला
एटा। पुलिस ने बताया कि सिपाही संजीव की शादी वर्ष 2012 में अलीगंज सर्किल के जसरथपुर थाना क्षेत्र निवासी रूबी के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद रुबी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। इस पर मायके वालों ने सिपाही और उसके परिवारीजनों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस पर सिपाही करीब दो साल तक जेल में निरुद्ध रहा था। इसके बाद शादी में मध्यस्थता करने वाले रेवाड़ी निवासी चरनसिंह ने सिपाही मामले में फैसला करने के लिए कहा था। जिस पर सिपाही पक्ष का कहना है कि चरनसिंह को उन्होंने 14 लाख रुपये ससुरालियों से फैसला कराने के लिए दे दिए थे। बावजूद इसके मामले में फैसला नहीं हुआ और सिपाही के खिलाफ कोर्ट में विपक्षी में गवाही भी दे दी थी। ऐसे में सिपाही चरनसिंह से फैसले के लिए दिए रुपये लौटाने के लिए कहा था। उसी समय आरोपियों ने उसके साथ घटना को अंजाम दिया।