एक दरोगा का नाम गैर इरादतन हत्या में होगा शामिल
मथुरा। मोहनपुर अडूकी में बालक माधव की पुलिस की गोली लगने से मौत हुई थी। इरादा जरूर पुलिस का बालक को मारने का नहीं था। निलंबित दरोगा का गैर इरादतन हत्या के मुकदमे में नाम रविवार को शामिल हो सकता है।
मोहनपुर अडूकी में अमरनाथ के आठ वर्षीय बेटे माधव की गोली लगने से मौत हो गई थी। 18 जनवरी को पहुंचे आईजी ने पुलिस की गोली लगने से बालक की मौत होना स्वीकारा। दो दरोगा और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया। एसएसपी स्वप्निल ममगाई ने बालक की मौत पर दर्ज मुकदमे की विवेचना सीओ सदर राकेश कुमार को सौंपी। शनिवार को सीओ अडूकी पहुंचकर 19 लोगों के बयान लिए। इनमें ग्रामीण, परिजन और रिश्तेदार शामिल बताए जा रहे हैं। सीओ सदर ने बताया कि अधिकतर लोगों के बयान यह थे कि माधव की मौत पुलिस की गोली से हुई है। जिस दरोगा की पिस्टल से गोली लगी, उसका नाम गैर इरादतन हत्या में शामिल किया जाएगा।
माधव को फेंकने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ उबाल
मथुरा। मोहनपुर अडूकी पहुंचे विवेचनाधिकारी सीओ सदर राकेश कुमार के सामने ग्रामीणों में पुलिसकर्मियों के खिलाफ आक्रोश जताया। इन सभी का आरोप था कि गोली लगने के बाद माधव को गांव से गाड़ी में डालकर ले गए, पर उसे नवादा के समीप फेंककर चले गए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस सही समय पर हास्पिटल ले जाती तो हो सकता है माधव बच जाता।
15 को रवानगी, 17 की सायं कराई आमद
मथुरा। निलंबित हुए दो दरोगा और दो सिपाहियों की थाना हाईवे से रवानगी 15 जनवरी को हुई। उसके बाद गोली लगने से बालक माधव की हुई मौत के बाद आमद भी करा दी गई। यह सभी कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी की गैस एजेंसी के कर्मचारी की गोली मारकर 4.50 लाख रुपये की हुई लूट के खुलासे में जुटे हुए थे, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि पुलिसकर्मी तो केवल जुआरियों की तलाश में आए थे, वहां न तो बदमाश मिले और न ही जुआरी।