मैनपुरी। पति की उपेक्षा के चलते विवाहिता और उसके मासूम ने शुक्रवार शाम सैफई में दम तोड़ दिया। पति ने गर्भावस्था के दौरान उसे घर से निकाल दिया था। इसके बाद से ही वह आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रही थी। कई बार अधिकारियों से मदद दिलाने की गुहार भी लगाई लेकिन कहीं कोई राहत नहीं मिल सकी थी।
कोतवाली क्षेत्र के गांव परौंख निवासी आंकाक्षा की शादी वर्ष 2011 में गांव निवासी इंद्रेश के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद आकांक्षा ने एक बेटी को जन्म दिया। बाद में पति ने उसके साथ मारपीट करना शुरू कर दिया। आए दिन मारपीट से परेशान आकांक्षा अधिकतर मायके में ही रहती थी। कुछ समय पूर्व समझौता के बाद पति उसे लेकर दिल्ली चला गया। मगर वहां भी उत्पीड़न का सिलसिला बंद नहीं हुआ।
करीब चार माह पूर्व आकांक्षा के साथ मारपीट कर गर्भावस्था में ही घर से निकाल दिया तभी से वह मायके में रह रही थी। आठ माह की गर्भवती आकांक्षा के मायके वाले बेहद गरीब हैं। इस बीच खून की कमी के चलते आकांक्षा बीमार हो गई।
पति की उपेक्षा व आर्थिक तंगी से गुजर रही आकांक्षा बूढ़ी दादी के साथ 31 दिसंबर को एएसपी ओमप्रकाश सिंह से मिली थी। उन्हें शिकायती पत्र देकर उपचार कराए जाने के लिए पति व ससुरालीजनों से आर्थिक मदद दिलाने की मांग की थी। कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई इस बीच आकांक्षा की तबियत बिगड़ गई।
उपचार के लिए उसे सैफई में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को आकांक्षा ने पुत्र को जन्म दिया। मगर कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। शनिवार को मृतका की दादी एएसपी से ससुरालीजनों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करने की शिकायत लेकर पहुंचे। दादी का कहना था कि अगर पति और ससुरालीजन ध्यान देते तो नातिन व उसके बच्चे की जान नहीं जाती।