आगरा। प्रकाशपुरम में 29 जुलाई की सुबह की गई सिपाही सतीश यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन बदमाश तो जैसे-तैसे गिरफ्तार कर लिए लेकिन मुख्य आरोपी जाफर उर्फ सोनू का अब तक सुराग नहीं मिल सका है। पहले उसकी लोकेशन दिल्ली के बाटला हाउस में आ रही थी। तब पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई।
अब न तो उसका मोबाइल पुलिस के रडार पर आ रहा है और न ही मुखबिर उसके बारे में कोई सूचना दे पा रहे हैं। उस पर अब पांच हजार का इनाम घोषित किए जाने की तैयारी चल रही है। थाना से एसपी सिटी ऑफिस होते हुए फाइल एसएसपी के पास पहुंच गई है।
सतीश यादव की हत्या में चार आरोपी बताए गए हैं। इनमें से तीन को पुलिस ने आठ अगस्त को एत्माद्दौला के कांशीराम आवास के पास हुई मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। ये हैं राहुल जाटव, लल्ला उर्फ सलमान और सरिया उर्फ श्यामवीर। गिरोह का सरगना जाफर उर्फ सोनू बताया गया है। वह बोदला का रहने वाला है। उसने 16 अगस्त, 2016 को बोदला में युवक शशि कपूर की हत्या की थी।
इसमें भी वह पकड़ा नहीं जा सका। एत्माद्दौला के थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि उस पर इनाम के लिए संस्तुति करके फाइल भेजी गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उस पर एक या दो दिन में ही पांच हजार का इनाम घोषित कर दिया जाएगा।
चार अपराधी जिला बदर
पुलिस की संस्तुति पर डीएम गौरव दयाल ने चार अपराधियों को जिला बदर कर दिया है। ये हैं कागारौल थाना क्षेत्र के अकोला के सतीश, अजीत, पुष्पेंद्र और ओम प्रकाश उर्फ नट्टो। इन सभी पर गुंडा एक्ट लगा है। इसके अलावा भी कई अपराध कर चुके हैं।
जऊपुरा कांड में एनएसए की तैयारी
सिकंदरा के जऊपुरा गांव में दलित नवाब सिंह की पीटकर हत्या कर दिए जाने के मामले में आरोपियों पर पुलिस ने रासुका लगाने की तैयारी कर ली है। इसकी फाइल बन चुकी है। इस मामले में 22 लोग नामजद कराए गए थे। इनमें से तीन को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।