फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नगरायुक्त बताएं, शिवम की मौत का जिम्मेदार कौन

विज्ञापन
आगरा नगर निगम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
आगरा। फतेहाबाद रोड स्थित होटल डीलक्स इन के सामने खुले पड़े मैनहोल में गिरकर 15 अगस्त को आठ साल के शिवम की मौत के मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। मुकदमा होटल संचालक के खिलाफ दर्ज किया गया है लेकिन पुलिस का मानना है कि हादसा नगर निगम की लापरवाही से हुआ है। ताजगंज थाना पुलिस ने नगर आयुक्त अरुण प्रकाश को पत्र भेजकर पूछा है कि मैनहोल खुला रहने के लिए कौन अधिकारी या कर्मचारी जिम्मेदार है, जिसके चलते बच्चे की जान गई।
विज्ञापन


तुलसी नगर, गोबर चौकी निवासी टेंट व्यवसायी पुरुषोत्तम राठौर मंगलवार को जन्माष्टमी पर पत्नी नीलम, बेटी नीरू, वैष्णवी, मोहिनी और बेटे शिवम के साथ 15वीं बटालियन पीएसी परिसर में आयोजित जन्माष्टमी उत्सव को देखने जा रहे थे। फतेहाबाद रोड पर होटल डीलक्स इन के बाहर मैनहोल खुला पड़ा था। इसमें होटल की सीवर लाइन जा रही है। परिवारीजनों के अनुसार सामने से आती एक कार से बचने के लिए शिवम मां से हाथ छुड़ा कर बगल की ओर दौड़ा और मैनहोल में गिर गया। मैनहोल आठ फीट गहरा और तीन फीट चौड़ा था। डूबने से शिवम की मौत हो गई।

पुरुषोत्तम राठौर की तहरीर पर पुलिस ने होटल मालिक के खिलाफ हादसे में मौत की धारा 304 ए के तहत केस दर्ज कर लिया लेकिन पुलिस की जांच में आया कि हादसा नगर निगम की गलती से हुआ है। एक तो मैनहोल खुला छोड़ दिया गया। दूसरा वहां कोई चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाया गया। न ही उसके चारों ओर बेरिकेडिंग की गई। अब सवाल यह है कि नगर निगम में इसके लिए जिम्मेदार कौन है। सीओ सदर उदयराज सिंह ने बताया कि इसके लिए नगरायुक्त को खत भेजा गया है। उनका जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


20 मौत हो चुकीं, कार्रवाई एक में भी नहीं
ठीक ऐसा ही मामला था पिछले साल। भगवान टाकीज पर हाईवे धंस गया था। इसमें साइकिल सवार युवक समा गया था। उसकी मौत हो गई थी। एफआईआर दर्ज हुई, आज तक तय नहीं हो पाया कि जिम्मेदार कौन था। नगर निगम, जल निगम या हाईवे अथारिटी। इसी तरह पिछले पांच सालों में 20 मौत हो चुकी हैं। कहीं नाले में गिर जाने से तो कहीं मैनहोल में गिर जाने से। एक में भी कार्रवाई नहीं हुई है। हंगामा होता है तो केस दर्ज कर लिया जाता है, जांच होती है लेकिन कार्रवाई नहीं, बाद में मामला रफा-दफा कर दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें