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नए सिरे से शुरू हुई भरतपुर हाउस गोलीकांड की जांच

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नए सिरे से शुरू हुई भरतपुर हाउस गोलीकांड की जांच
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आगरा। भरतपुर हाउस में 20 जून 2016 को जूता कारोबारी राजकुमार लालवानी की उनकी ही कोठी में गोली मारकर हत्या कर दिए जाने के मामले में सालभर बाद पुलिस ने नए सिरे से जांच शुरू की है। वजह यह है कि फोरेंसिक परीक्षण रिपोर्ट पुलिस की जांच के विपरीत गई है। इससे अफसर सकते में आ गए हैं। एसपी क्राइम मनोज सोनकर फील्ड यूनिट, सर्विलांस सेल के साथ गुरुवार को मौका मुआयना करने पहुंचे। उन्होंने केस डायरी का भी अध्ययन किया।
यह थी वारदात : राजकुमार लालवानी की कोठी में गोली चली थी। इसमें राजकुमार लालवानी की मौत हो गई थी। उनसे मिलने आए उनके दोस्त एवं सराफ संजीव रस्तोगी को पीठ में दो गोली लगी थीं। वह कई महीने अस्पताल में रहे।
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यह थी एफआईआर : राजकुमार लालवानी की पत्नी निर्मला ने खुद को चश्मदीद बताते हुए हरीपर्वत थाना पर रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें संजीव रस्तोगी, डिब्बा कारोबारी स्वदेश कुमार उर्फ गागा और संजीव के ड्राइवर रवि को नामजद कराया गया।
यह बताया घटनाक्रम : निर्मला ने बयान दिया कि संजीव रस्तोगी राजकुमार से प्रापर्टी के कागजात लेकर भाग रहे थे। राजकुमार ने अपने रिवाल्वर से उन्हें दो गोली मारी। इसके बाद संजीव ने रिवाल्वर छीनकर राजकुमार की कनपटी पर गोली मारी। इससे राजकुमार की मौत हो गई।
गागा को दी क्लीन चिट : पुलिस ने जांच में सबसे पहले रवि का नाम निकाला। इसके बाद संजीव को मुख्य आरोपी बनाया। आखिर में गागा को भी हत्या की साजिश के आरोप से मुक्त कर दिया।
डिब्बा कारोबार ने कराई वारदात : संजीव, राजकुमार और गागा एमसीएक्स के अवैध रूप यानी डिब्बा कारोबार से जुड़े थे। इसमें राजकुमार करोड़ों हार गए थे। संजीव और गागा उन पर दबाव बनाकर उनकी आलीशान कोठी हड़पना चाहते थे। इसी के चलते यह वारदात हुई।
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डिब्बा कारोबारी गागा को फिर से हो सकती है मुश्किल
आगरा । एफआईआर के वक्त बताया गया था कि वारदात की साजिश का ताना बाना गागा ने बुना लेकिन बाद में पुलिस ने उसे क्लीन चिट दे दी। एसपी क्राइम मनोज सोनकर का कहना है कि इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है, उसका नाम किस आधार पर निकाला गया? भरतपुर हाउस कालोनी में रजिस्टर में वारदात से ठीक पहले उसके नाम की एंट्री दर्ज है। सभी पहलुओं पर नए सिरे से जांच की जा रही है। कारण यह है कि फोरेंसिक रिपोर्ट आने से पहले ही चार्जशीट लगा दी गई जबकि यह रिपोर्ट अब आई है। इसका अध्ययन किया जा रहा है। बता दें, पुलिस ने वारदात के बाद राजकुमार लालवानी, संजीव रस्तोगी और रवि के हाथों को केमिकल से साफ कराकर सैंपल लिए थे। इन्हें परीक्षण के लिए भेजा गया था। इसमें देखा गया कि किस किसके हाथ में गन पाउडर है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि संजीव के हाथ में गन पाउडर नहीं मिला, इसलिए जांच हो रही है। हालांकि एसपी क्राइम का कहना है कि रिपोर्ट के अध्ययन केबाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है।
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