एसबीआई की कमला नगर ब्रांच में वाहन ऋण में 2.65 करोड़ की जालसाजी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बैंक की जांच में इसके साक्ष्य मिलने के बाद न्यू आगरा थाना पर तहरीर दी गई है। इसमें बताया गया है कि शहर के दो प्रमुख ऑटोमोबाइल डीलरों समेत 35 लोगों ने बैंक को चूना लगाया है। फर्जीवाड़े से लोन लेकर पूरी रकम डकार गए। इस मामले में लोन पास करने वाले तत्कालीन ब्रांच मैनेजर समेत दो अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।
खुलासा तब हुआ जब सभी 35 खातों से ऋण वसूली नहीं हुई। इन्हें एनपीए में डाल दिया गया। इसके बाद शक होने पर बैंक ने जांच कराई। इसमें हैरान कर देेने वाले खुलासे हुए। शहर के दो प्रमुख ऑटोमोबाइल डीलरों की मदद से यह खेल हुआ।
इस तरह के मामले सामने आए - लोन लिया फोर व्हीलर के लिए और खरीद लिया थ्री व्हीलर। शो रूम मालिक के खाते में लोन की रकम पहुंच गई और गाड़ी की डिलीवरी ही नहीं हुई। लोन से ली गई गाड़ियों के फर्जी कागजात बैंक को थमा दिए गए। लोन लेने वाले को पते भी फर्जी मिले। कुटेशन भी फर्जी बनाई गई। एक डीलर ने भी फर्जीवाड़ा करके दो गाड़ियों के लिए लोन लिया।
बैंक की जांच के बाद इस मामले में लोन पास करने वाले तत्कालीन शाखा प्रबंधक विवेक कुमार मीना और आएमपीबी प्रणव गोस्वामी को निलंबित किया जा चुका है। इनका नाम भी तहरीर में दिया गया है। तहरीर मौजूदा शाखा प्रबंधक विनीत कुमार शुक्ला ने दी है। इस पर न्यू आगरा थाना के इंस्पेक्टर का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। अभी एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है।
-- कई जिलों में फैला जाल
इस जालसाजी का जाल आस पास के जिलों में भी फैला हुआ है। माना जा रहा है कि रैकेट के जरिए यह फ्राड किया गया। बैंक को चूना लगाने वाले 35 लोगों में आगरा के अलावा फीरोजाबाद, मथुरा और एटा के भी हैं।
-- एक महीने में दूसरा मामला
शहर में महीने भर के भीतर इस तरह का दूसरा मामला सामने आया है। इससे पहले स्टेट बैंक आफ बीकानेर एंड जयपुर की लोहामंडी ब्रांच में वाहन ऋण में करोड़ों की जालसाजी सामने आई थी।
-- बैंकों को लग रहे झटके
कार लोन में जालसाजी से पहले बैंकों को ईएमआई फ्री कार कंपनी ने झटका दिया। कंपनी ने सैंकड़ों लोगों को लोन से कार दिलवा दी और इसके बाद ईएमआई नहीं दी। बाद में कंपनी के अधिकारी फरार हो गए। बैंकों का पैसा फंसा है।