आगरा। कर्नल, उसकी पत्नी और बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने में सदर थाना पुलिस को पांच महीने लग गए। इनके खिलाफ शीला नाम की महिला ने तहरीर मार्च में दी थी। आरोप है कि इन लोगों ने उसका करीब दो लाख रुपये का सामान अपने नौकर को बेच दिया। उसने मांगा तो उसकी पिटाई की। शीला का कहना है कि उसने तहरीर दी तो पहले पुलिस ने उसके पति को ही हवालात में डाल दिया। अब भी रिपोर्ट सीओ सदर से शिकायत करने पर लिखी गई है। लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
रिपोर्ट शनिवार को दर्ज की गई है। सदर में ही रहने वाली शीला कर्नल के यहां घरेलू काम करती थी। उसका आरोप है कि कर्नल के परिवार ने उसे बंधुआ मजदूर बनाकर रखा। उसने अपने देवर की शादी के लिए 40 हजार रुपये कर्नल की पत्नी से उधार लिए थे। बाद में 27 हजार रुपये लौटा दिए। 13 हजार जल्द ही देने के लिए कहा। उत्पीड़न से परेशान होकर यह भी कह दिया कि उधार चुकाने केबाद घर छोड़कर चले जाएंगे।
आरोप है कि कर्नल की पत्नी ने कहा कि न घर छोड़कर जाने देगी और न काम छोड़ने देगी। वह घर छोड़कर आ गई तो उसका सारा सामान ड्राइवर को बेच दिया। इसकी कीमत दो लाख है। शीला ने बताया कि वह थाना के चक्कर काटती रही लेकिन पुलिस ने नहीं सुनी। उसके पति को हवालात में डाल दिया। उसने हिम्मत नहीं हारी। अब सीओ सदर के पास गई तो उनके आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
ऑडियो को जांच में शामिल नहीं किया
आगरा। शीला का कहना है कि उसे फोन पर टांग तोड़ने की धमकी दी जा रही हैं। उसके मोबाइल में यह रिकार्ड हो गई है। उसने पुलिस को रिकार्डिंग दे दी है लेकिन पुलिस ने इसे जांच में शामिल नहीं किया है।
वर्जन
मेरे पास महिला शिकायत लेकर आई थी। इस पर रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर तय की जाएगी। - राजेश द्विवेदी, सीओ सदर