मैनपुरी। जिले में भी आगरा जैसा हादसा कभी भी हो सकता है। गली मोहल्लों में आतिशबाजी की दुकानें सज गईं हैं। बड़े पैमाने पर आतिशबाजी एक स्थान से दूसरे स्थान अवैध रूप से ले जाई जा रही है।
यही नहीं आबादी में बड़ी -बड़ी दुकानें सज गई हैं। मगर इसके बाद भी पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की नींद नहीं टूट रही है। बता दें कि आगरा में स्कूटर पर पटाखे ले जाते समय हुए धमाके में दो युवकों की मौत हुई है। जिले में भी पूर्व में इस प्रकार कई घटनाएं हो चुकीं हैं।
आगरा में एमजी रोड पर रविवार को एक बोरे में आतिशबाजी ले जाते समय हुए विस्फोट में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। जिले में कभी भी ऐसा हादसा हो सकता है। प्रशासन की ओर से अभी तक न तो लाइसेंस आदि की चेकिंग शुरू की गई है।
न ही पटाखे बनाने व बिक्री करने वालों के बारे में जानकारी ही जुटाई जा रही है। कोतवाली क्षेत्र में कई रिहायशी इलाकों में आतिशबाजी का अवैध रूप से भंडारण किया गया है। मगर इस ओर किसी का भी ध्यान नहीं है। ऐसे में अगर कोई हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
बता दें कि पूर्व में कई हादसे हुए हैं। जिनमें कई लोग जान गंवा चुके हैं। इन सब के बावजूद अभी तक जिले भर में आतिशबाजी से होने वाले हादसों को लेकर कोई भी सतर्कता नजर नहीं आ रही है। कोतवाली क्षेत्र में कई मोहल्लों में गलियों में पटाखे की बिक्री की जा रही है। इससे पूर्व अमर उजाला भी पुरानी मैनपुरी में अवैध ढंग से आतिशबाजी बनाने के काम के बारे में खबर प्रकाशित कर चुका है। इसके बाद भी प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।