शहर की प्रमुख जूता निर्यातक और यूरोप के टॉप शू ब्रांड एल्बर्टो टोरेसी की निर्माता कंपनी विरोला इंटरनेशनल पर 56 घंटे तक चली आयकर सर्च में 16 करोड़ रुपये की आय सरेंडर की गई। आठ जिलों के 120 से ज्यादा आयकर अधिकारियों ने बुधवार सुबह से कंपनी के 15 परिसरों पर कार्रवाई की थी, जो शुक्रवार शाम तक चली। विभाग ने घर पर मिला कैश और फैक्ट्री में मिले सभी कागजातों को सीज कर दिया है।
संयुक्त आयकर निदेशक मुंशीराम के नेतृत्व में हुई सर्च में सहायक निदेशक जांच राजेश गुप्ता तथा सहायक आयकर आयुक्त राधारानी शर्मा, नरेश चंद्रा की टीमों ने शुक्रवार शाम पांच बजे जांच पूरी की। कंपनी के 15 में से नौ प्रतिष्ठानाें पर गुरुवार दोपहर में ही कार्रवाई समाप्त हो चुकी थी। निवास और फैक्ट्री पर यह शुक्रवार तक चली। सरेंडर की रकम पर गुरुवार से ही कंपनी और आयकर अधिकारियों के बीच सहमति बनते-बनते रह गई थी।
इस कार्रवाई में आयकर अधिकारियों में वीके धवन, राजीव प्रसाद, प्रवीन अग्रवाल, विनोद कुमार वर्मा, विजय सिंह तथा आयकर निरीक्षकों में संतोष केसरी, राजीव जैन, राजेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, मनोज श्रीधर, दिलीप गुप्ता, अंबरीश कौशिक, सोबरन सिंह, राजे सिंह आदि मौजूद रहे।
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सर्च में मिली सबसे कम रकम
दिवाली के बाद तेज हुई आयकर विभाग की कार्रवाई में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय केवल सर्वे में ही सरेंडर कराई जा चुकी है। विरोला इंटरनेशनल ने 16 करोड़ रुपये की आय सरेंडर की, लेकिन यह अब तक की सभी सर्च में मिली सबसे कम रकम है। पुष्पांजलि ग्रुप से 40 करोड़ तो डाक्टर सोप ग्रुप से 18 करोड़ की आय सरेंडर कराई गई थी। पिछले महीने शहर के छह चिकित्सकों पर सर्वे तक में 17 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय का खुलासा विभाग ने किया था। इन्वेस्टीगेशन विंग की इस कार्रवाई में सरेंडर की रकम को काफी कम माना जा रहा है। आयकर सूत्रों के मुताबिक कंपनी पहले ही करोड़ों में टैक्स अदा कर रही थी, इसलिए सर्च में 16 करोड़ की आय सरेंडर कराना अच्छा रिजल्ट है।