मैनपुरी। जनपद में काले तेल का धंधा बड़े पैमाने पर चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक धंधा फिरोजाबाद क्षेत्र के रहने वाले माफिया कर रहे हैं। जनपद में इस कारोबार को संरक्षण देने के नाम पर पुलिस की एक विशेष टीम को हिस्सा भी मिल रहा है। इससे माफिया बेखौफ हैं। जनपद में ये धंधा खराब तेल से शुरू होकर सड़क पर बिछाए जाने वाले डामर तक पहुंचता है। इस काम को करने वाले माफिया के पास न तो इस काम का कोई लाइसेंस है, न ही उन्हें किसी से परमीशन लेने की जरूरत पड़ती है। सब कुछ अवैध ढंग से संचालित हो रहा है, सूत्रों की मानें तो फिरोजाबाद के सिरसागंज और शिकोहाबाद क्षेत्र के माफिया इस धंधे की कमान संभाले हुए हैं।
बता दें कि सड़क निर्माण में प्रयोग होने वाले डामर में केरोसिन मिलाकर काला तेल बनाने खेल सिरसागंज क्षेत्र में धड़ल्ले से चलता है। पूर्व में कई बार कार्रवाई भी हो चुकी हैं। वहीं माफिया ने जनपद को भी अपना प्रमुख केंद्र बना लिया है। सूत्रों के अनुसार जनपद में पुलिस की एक विशेष टीम का खास गुर्गा माफिया से संरक्षण के नाम पर महीनेदारी भी लेता है। वहीं इस कारोबार में माफिया व पुलिस के लेनदेन तक पर नजर रखने वाले व्यक्ति से जब उक्त पुलिसकर्मी के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि वह नाम नहीं बता सकता। माफिया व पुलिस दोनों ही उसकी जान के दुश्मन बन जाएंगे। अधिकारी अपने स्तर पर मामले की जांच कर कार्रवाई करें तो जनपद में संचालित काला कारोबार व संरक्षण देने वाले खुद ही बेनकाब हो जाएंगे।
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ऐसे बनता है काला तेल
मैनपुरी। काले तेल के खेल में बड़ा मुनाफा है। काला तेल फर्निश आयल है, इसका प्रयोग प्लांट में लोहा गलाने के लिए होता है। खपत अधिक होने के चलते प्लांट संचालक इसे कालाबाजारी में खरीदते हैं। मुनाफा कमाने के लिए बिटुमिन, मिट्टी का तेल, कार्बन, बालू को मिलाकर बनाया जाता है।
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इस संबंध में अभी कोई जानकारी नहीं है, यदि ऐसा कुछ हो रहा है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। किसी भी तरह का अवैध कारोबार नहीं होने दिया जाएगा।
ओमप्रकाश सिंह, प्रभारी एसपी मैनपुरी