वृंदावन। आद्य वराह पीठ के महंत रामप्रवेश दास और 11 अन्य संतों को परोसी गई दाल में रसोइये भरत शर्मा ने भांग मिला दी थी। योजना सभी को बेहोश कर चोरी की वारदात को अंजाम देना था। 21 जून को पालक-मूंग की दाल में भांग मिलाई गई।
अधिक देर तक खौलाने से इस भांग ने दाल में विषाक्त पदार्थ का काम किया। दाल का स्वाद बिगड़ जाने से संतों ने थोड़ी सी ही दाल खाई, इसी से उनकी जान बची। आरोपी भरत से केवल 10,000 रुपये, कुछ चांदी के बर्तन ही बरामद कराए हैं।
बाकी सोने-चांदी के आभूषण को उसने चंबल नदी में फेंक देने की बात कही है। दर्ज रिपोर्ट के अनुसार भरत आश्रम से 4 लाख रुपये और लाखों का सोना-चांदी चोरी कर ले गया था। पुलिस चोरी के माल की बरामदगी के लिए भरत को लेकर वृंदावन, ओल और आगरा के फतेहपुरसीकरी में जाजऊ उसके घर भी लेकर गई है।
किशोरी निवास चोरी में भी शामिल रहा भरत
बांकेबिहारी कालोनी स्थित किशोरी निवास में 16 सितंबर, 2014 में हुई लाखों की चोरी में भी भरत शर्मा शामिल रहा था। 10 लाख से अधिक नकदी, 22 तोले सोने के आभूषण, 281 चांदी के सिक्के चोरी हुए थे।
रमणरेती पुलिस चौकी प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि तब किशोरी निवास के व्यवस्थापक संतोषानंद ने फतेहपुर सीकरी के थाना जाजऊ निवासी भरत शर्मा और मध्य प्रदेश के दतिया निवासी शान्तनु पुरोहित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। संतोषानंद के अनुसार दोनों विद्यार्थी बनकर आए थे।