शिकोहाबाद (फिरोजाबाद)। 15 दिन पूर्व अपहृत हुआ बैंककर्मी का बेटा रजत यादव शुक्रवार को रहस्यमय ढंग से मिल गया। पुलिस पूछताछ में युवक ने अपहरण की कहानी बताते हुए कहा कि उसे चार लोग अपहृत कर ले गए और दिल्ली में बंधक बना कर रखा। मौका मिलते ही वो उनके चंगुल से छूट कर भाग निकला। पुलिस छात्र से पूछताछ कर सच्चाई पता लगाने में जुटी है।
पंद्रह दिन पूर्व कपड़ों पर प्रेस कराने गया बैंककर्मी का बेटा रजत यादव संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। फोन पर तीस लाख रुपये फिरौती मांगने पर परिवारीजनों को अपहरण का पता चला था, लेकिन शुक्रवार को रहस्यमय तरीके से अपहृत रजत बरामद हो गया।
क्राइम ब्रांच टीम बरामद छात्र को लेकर एसएसपी के पास पहुंची और पूछताछ शुुरू की। सीओ संजय वर्मा ने बताया कि पूछताछ पूरी होने के बाद जानकारी दी जाएगी। जबकि छात्र के परिवार के नजदीकी लोगों ने बताया कि छात्र भोगांव में मिला है।
एक फोन पर वे लोग भोगांव पहुंचे और छात्र को बरामद कर लिया। उन्होंने यह भी बताया कि पिता को देख छात्र उनसे लिपट कर रोया। छात्र ने परिवार को बताया कि अपहर्ताओं ने उसे दिल्ली में बंधक बना कर रखा था और खाना भी नहीं खिलाया। गुरुवार रात वो बदमाशों के चंगुल से छूट कर भाग आया। डर की वजह से वो शिकोहाबाद में नहीं रुका।
छात्र की बातों में कितनी सच्चाई है पुलिस पूछताछ में सामने आएगा। सूत्रों की मानें तो परिवारीजन जब छात्र रजत यादव को लेकर शिकोहाबाद आ रहे थे तभी क्राइम ब्रांच ने छात्र को अपने कब्जे में ले लिया और सीधे जिला मुख्यालय लेकर चले गए। उम्मीद है शनिवार को एसएसपी छात्र अपहरण कांड से पर्दा उठाएंगे।