कटरा समान (मैनपुरी)। नैगवां तिराहा के पास शनिवार की दोपहर सड़क हादसे के बाद दंपती और दो बच्चे आधा घंटा तक उपचार के लिए तड़पते रहे। सूचना मिलने के बाद भी संवेदनहीन पुलिस ने घायलों को अस्पताल तक ले जाना जरूरी नहीं समझा। इस दौरान एक मासूम की जान चली गई। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने जाम लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस उल्टे पांव लौट गई। वहीं, करीब ढाई घंटा बाद जाम खुल सका। बाद में कई थानों का फोर्स स्थिति को नियंत्रण करने के लिए पहुंच गया था।
थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव गाड़ीवार निवासी प्रदीप यादव (45) शुक्रवार को थाना कुर्रा क्षेत्र के गांव खुशालपुर भांजी पिंकी के शादी समारोह में सम्मिलित होने गए थे। साथ में पत्नी और दो बच्चे भी गए थे। शनिवार की दोपहर करीब 2:35 बजे जब वह पत्नी पप्पी, चार वर्षीय पुत्र रिशू और सात वर्षीय पुत्री निशू के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। इसी बीच किशनी थाना क्षेत्र में नैगवां तिराहा के पास मैनपुरी की ओर से आ रही कार ने बाइक सवारों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में बाइक सवार दंपती और दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। कुछ ही देर में घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। इस बीच कार सवार लोग गाड़ी छोड़कर वहां से भाग गए।
मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने 100 नंबर पर कॉल किया, लेकिन नंबर नहीं मिला। इसके बाद कुछ लोग कटरा समान पर खड़ी डायल 100 के पुलिसकर्मियों के पास पहुंचे। उन्हें बताया कि हादसे में घायलों को जिला अस्पताल ले जाना है। पुलिसकर्मियों ने कहा कि वह आ रहे हैं, लेकिन आधा घंटा तक घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। इस बीच उपचार के अभाव में घटनास्थल पर तड़पते हुए मासूम रिशू ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मार्ग पर अवरोध डालकर जाम लगा दिया। आधा घंटा बाद जब यूपी 100 के पुलिसकर्मी पहुंचे तो ग्रामीणों का आक्रोश देख वह घटनास्थल से भाग गए।