मैनपुरी। बिना लाइसेंस के दवाओं का कारोबार करने पर छह मेडिकल स्टोर संचालकों पर मुकदमा दायर किया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से सीजेएम न्यायालय में ये मुकदमा दायर किया गया है। इसमें मैनपुरी के एक मेडिकल स्टोर और एटा के पांच मेडिकल स्टोर संचालकों को आरोपी बनाया गया है।
एक शिकायत पर औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल ने दस जुलाई 2020 को कुरावली तहसील के गांव लखौरा स्थित साहिल मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की थी। यहां बिना लाइसेंस के फुटकर दवाओं की बिक्री की जा रही थी। पूर्व में संचालक के पास फुटकर दवा बिक्री का लाइसेंस भी था, जिसकी वैधता मई 2020 में खत्म हो गई थी। छापेमारी के दौरान एटा के पांच थोक मेडिकल स्टोर के बिल भी मिले थे।
इनमें पवन मेडिकल स्टोर पारस मार्केट, योगेश फार्मा रूपेश मार्केट, विषन मेडिकल एजेंसी ठंडी सड़क, शारदा मेडिकल स्टोर आंबेडकर पार्क और अरविंद फार्मा ठंडी सड़क एटा शामिल हैं। इने मेडिकल स्टोर संचालकों ने साहिल मेडिकल स्टोर को दवाओं की आपूर्ति की थी। जबकि बिना लाइसेंस की प्रति लिए थोक मेडिकल स्टोर संचालक दवाओं की आपूर्ति नहीं कर सकते हैं। मामले की गहन जांच के बाद अब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) न्यायालय में सभी छह मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है।
नोटिस के जवाब में खुद की दवाओं के विक्रय की पुष्टि
साहिल मेडिकल स्टोर पर छापेमारी के दौरान मिले एटा के पांच मेडिकल स्टोर के बिल की पुष्टि खुद उनके संचालकों ने की थी। इसके लिए विभाग की ओर से सभी को नोटिस भेजा गया था। नोटिस के जवाब में उन्होंने बताया कि उन्होंने दवाओं की आपूर्ति की थी। इसके बाद ही विभाग ने आगे कार्रवाई की है।
थाने में सीज हैं एक लाख की दवाइयां
छापेमारी के दौरान औषधि निरीक्षक ने साहिल मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध लगभग एक लाख रुपये की दवाएं जब्त कर लीं थीं। ये दवाएं थाना कुरावली में सीज की गईं थीं। अब ये दवाओं थाने में ही रहेंगी। न्यायालय के आदेश के बाद ही इन्हें रिलीज किया जा सकेगा। हालांकि तब तक ये दवाएं एक्सपायर हो जाएंगी।
- बिना लाइसेंस के लखौरा के साहिल मेडिकल स्टोर द्वारा दवाओं की बिक्री की जा रही थी। वहीं एटा के पांच मेडिकल स्टोर संचालकों ने बिना लाइसेंस देखे ही दवाओं की आपूर्ति की थी। सभी छह मेडिकल स्टोर संचालकों के विरुद्ध सीजेएम न्यायालय में मुकदमा दायर किया गया है। - उर्मिला अग्रवाल, औषधि निरीक्षक।