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लिवर और गाल ब्लैडर फटने से हुई थी सर्वेश की मौत

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मैनपुरी। मोहल्ला खरगजीत नगर निवासी हलवाई सर्वेश की मौत पिटाई से गाल ब्लेडर और लिवर फटने के कारण हुई। रविवार शाम बेटी बेचे जाने की अफवाह के बाद मोहल्ले के ही युवकों ने उसे बेरहमी के साथ पीटा था। सोमवार की सुबह उसने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
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फिरोजाबाद के थाना सिरसागंज क्षेत्र के गांव मलापुर निवासी सर्वेश दिवाकर (40) मोहल्ला खरगजीत में किराए के मकान में रहता था। कुछ दिन पहले सर्वेश ने अपनी 15 वर्षीय बेटी हेमा को नोएडा रिश्तेदारी में पढ़ने के लिए भेज दिया था। इस बीच किसी ने अफवाह उड़ा दी कि उसने बेटी को बेच दिया है। रविवार की शाम मोहल्ले के ही रहने वाले कुछ लोगों ने उस पर बेटी बेचने का आरोप लगाया। इसके बाद सर्वेश को पकड़ कर एक निर्माणाधीन मकान की छत पर ले गए।
वहां लात-घूंसों से उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। सूचना पर पुलिस ने घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां सोमवार की सुबह सर्वेश की मौत हो गई थी। मामले में मृतक के भाई कमलेश ने खरगजीतनगर निवासी साहुल जादौन, शिवाजी उर्फ शिवम, राजन व अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उधर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह लीवर (यकृत) और गाल ब्लेडर (पित्ताशय) का फटना बताया गया। लीवर व गाल ब्लेडर फटने की वजह से अंदरूनी रक्तस्राव हो गया था।
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चार आरोपी भेजे जेल
सर्वेश दिवाकर की पीट कर हत्या के मामले में मंगलवार को पुलिस ने चार आरोपियों को जेल भेजा। जेल भेजे गए आरोपियों में दो नामजद साहुल जादौन, शिवाजी उर्फ शिवम के अलावा हृदेश मिश्रा और डिंपल सक्सेना शामिल हैं। सीओ अभय नरायण राय का कहना है कि तीसरे नामजद व अज्ञात आरोपियों को भी पुलिस शीघ्र गिरफ्तार कर जेल भेजेगी।
खाते में भेजी गई आर्थिक सहायता राशि हलवाई सर्वेश की मौत के बाद परिवार को प्रशासन की ओर से चार लाख 12500 रुपये की सहायता राशि दी गई है। एसपी अजय कुमार ने बताया कि मृतक की बेटी हेमा का खाता खुलवाकर आर्थिक सहायता राशि जमा करा दी गई है। शेष इतनी ही धनराशि चार्जशीट/ सजा होने पर नियमानुसार मृतक की बेटी को दी जाएगी।
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हलवाई की हत्या के मामले में जांच सीओ सिटी अभय नरायण राय को सौंपी गई है। शेष आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए चार टीमें लगाई गई हैं।
अजय कुमार पांडेय, एसपी
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