कासगंज। ढोलना क्षेत्र के गांव नगला मोती में खेत पर शौच को गई किशोरी की हत्या के मामले में नया मोड़ आया है। जांच में पाया गया है कि पीड़ित परिवार के पात्रता की श्रेणी में आने के बाद भी उसके यहां शौचालय नहीं बना था। डीपीआरओ ने इस पर ग्राम प्रधान और सचिव को नोटिस जारी किया है। अग्रिम आदेशों तक सचिव का वेतन रोक दिया है।
गांव में इस बात की चर्चा है कि यदि घर में शौचालय होता तो शायद किशोरी खुले में शौच के लिए नहीं जाती और न ही उसकी हत्या होती। इस बीच डीपीआरओ ने मामले की जांच शुरू कराई। जांच में पाया गया कि पीड़ित परिवार शौचालय के लिए पात्रता श्रेणी में है और सूची में नाम भी शामिल है, लेकिन प्रधान व सचिव की लापरवाही से शौचालय नहीं बनवाया गया। इस पर डीपीआरओ ने सचिव का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं प्रधान को नोटिस जारी करते हुए दो दिन मे पक्ष रखने को कहा है।
ओडीएफ की खुली पोल
गांव नगला मोती पूरी तरह से खुले में शौच मुक्त घोषित है। किशोरी की हत्या के बाद हुई जांच ने ओडीएफ की पोल खोल दी है। अब अफसर भी अधीनस्थों की कारगुजारी से हैरत में है।
पुलिस ने कई संदिग्ध उठाए, पूछताछ
कासगंज। किशोरी की हत्या के खुलासे के लिए पुलिस ने प्रयास तेज कर दिए हैं। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की है। कई स्थानों पर दबिश दी है। हालांकि अभी पुलिस ने कोई भी खुलासे की स्थिति स्पष्ट नहीं की है।
शुक्रवार को खेत में शौच को गई 14 वर्षीय रवीना पुत्री जसवीर की हत्या कर शव बाजरा के खेत में फेंक दिया गया। अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। दावा किया जा रहा है कि घटना का जल्द खुलासा कर दिया जाएगा, अहम सुराग मिलने लगे हैं। इधर पीड़ित परिवार को सांत्वना देने वाले लगातार पहुंच रहे हैं।