कासगंज। मासूम आयुष की हत्या के मामले में पिता ने क्रूरता और बेरहमी की हदें पार कर दीं थीं। इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ।
अपर पुलिस अधीक्षक डा. पवित्र मोहन त्रिपाठी ने बताया कि पिता द्वारा पटक पटक कर मारना और मासूम के पेट पर खड़े होकर कूदने के कारण मासूम का लीवर डैमेज हो गया। इसके अलावा सिर सहित पेट के अन्य अंदरूनी हिस्सों में भी गंभीर चोटें पाई गईं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का पुलिस अध्ययन कर रही है।
मासूम का शव पहुंचते ही छलक उठीं आंखें
पटियाली (कासगंज)। क्षेत्र के रानी डामर गांव में मासूम को पटक पटक कर मार देने की घटना से क्षेत्र ही नहीं बल्कि जिलेभर के लोग बेहद आहत हैं। हर कोई बेरहम पिता को कड़ी सजा की मांग कर रहा है। पोस्टमार्टम के बाद मासूम का शव जैसे ही रानी डामर गांव में पहुंचा तो वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखें नम हो गईं। मां की तहरीर पर हत्यारे पिता मेघ सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। वह घटना के बाद से ही गांव से फरार है।
शुक्रवार की देर सायं रानी डामर गांव में आयुष 3 वर्ष की उसके सौतेले पिता मेघ सिंह ने पटक पटक कर हत्या कर दी और मासूम के पेट पर खड़े होकर तब तक कूदता रहा जब तक मासूम ने दम नहीं तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद दोपहर के समय मासूम का शव उसके बाबा गांव में लेकर पहुंचे। पहले से ही बेटे की मौत के गम में तड़प रही मां पुष्पा मासूम के शव से लिपटकर रोने लगी। रोते रोते मां की हालत बिगड़ गई। वह बार बार पति मेघ सिंह को सजा दिलाने की बात करती दिखी।
मासूम को कई बार लावारिस हाल पर छोड़ने का बनाया था दबाव
पटियाली। मासूम की मां पुष्पा का कहना है कि 4 माह पूर्व जब मेघ सिंह उसे शादी करके लाया था वह तभी से उस पर मासूम आयुष को छोड़ने का दबाव बना रहा था। एक बार तो उसने रेलवे स्टेशन पर छोड़ने की बात कहीं, लेकिन पुष्पा ने इसका विरोध किया, लेकिन सौतेले पिता को हर समय घर में आयुष खटकता रहता था। वह हर समय उस पर चिल्लाता था और गुस्सा उतारता था, लेकिन उसे इस बात का एहसास नहीं था कि वह मासूम की हत्या कर देगा।