मैनपुरी/करहल। चालक की हत्या करके हुई ट्रक लूट की वारदात का शुक्रवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया है। ट्रक बदमाशों ने नहीं, बल्कि ट्रक मालिक ने साथियों के साथ मिलकर लूटा था। ट्रक पर कराए गए फाइनेंस के रुपये न लौटाने के लिए वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं ट्रक मालिक सहित दो की तलाश की जा रही है। लूटा गया ट्रक भी माल सहित बरामद कर लिया गया है।
शुक्रवार को एसपी अजय शंकर राय ने पुलिस लाइन के सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि जनपद इटावा, सैफई थाना क्षेत्र के गांव खुशहालपुर निवासी अनुज यादव का ट्रक चालक सुखवीर निवासी सराय लुकमान थाना सिरसागंज जिला फिरोजाबाद चार अक्तूबर 2019 को बांदा की बदरून मंडी से करीब 25 टन गेहूं लादकर आगरा के लिए निकला था। उसके साथ खलासी सोनू पुत्र कोमल सिंह निवासी सराय लुकमान भी था।
देर रात जनपद इटावा क्षेत्र के अजीतमल से आगे ओवरब्रिज के पास फाइनेंसर बनकर आए कार सवार चार बदमाशों ने ट्रक लूट की वारदात अंजाम दिया और चालक की हत्या कर दी थी। वहीं खलासी को भी मरा हुआ समझकर करहल क्षेत्र में अलग-अलग जगह फेंक गए थे। ट्रक मालिक की ओर से ही मुकदमा दर्ज कराया गया था। जांच के दौरान घटना का मास्टर माइंड खुद मालिक अनुज यादव ही निकला।
एसपी ने बताया कि अनुज यादव ने करीब 18 लाख में ट्रक फाइनेंस कराया था। दो लाख रुपये डाउन पेमेंट भी जमा कराया था। फाइनेंस के रुपये बचाने के लिए उसी ने साथी सतेंद्र यादव उर्फ सत्यपाल निवासी नगला दरियाली सैफई इटावा, अजय यादव निवासी नगला पठा सैफई, नीरज यादव नगला भूरे सैफई, अरविंद प्रताप उर्फ रीटू नगला सुभान सैफई और अभिषेक यादव निवासी नगला गुलाल सैफई के साथ ट्रक लूट की योजना बनाई थी।
वारदात के समय ईको कार में अनुज, रीटू, सतेंद्र और अजय मौजूद थे। वहीं चालक की हत्या व खलासी को मरा हुआ समझ कर फेंक गए थे। पुलिस ने अजय, नीरज, अरविंद और सतेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि ट्रक मालिक अनुज और साथी अभिषेक की तलाश की जा रही है। पुलिस जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेजेगी।
अनुज घटनास्थल पर मोबाइल सैफई में था
एसपी ने बताया कि अनुज ने वारदात को बेहद शातिराना ढंग से अंजाम दिया। वह खुद तो घटनास्थल पर था और गाड़ी के आसपास ही चल रहा था, लेकिन वह मोबाइल सैफई में मौजूद साथी नीरज को दे आया था। चालक सुखवीर ने मालिक के नंबर पर चार बार फोन किया। हर बार नीरज ने कांफ्रेंस के जरिए अनुज से ही बात कराई। यह सब इसलिए किया गया कि अगर कभी फंसें भी तो अनुज की मोबाइल लोकेशन घटनास्थल पर न मिले, लेकिन सर्विलांस/स्वाट टीम प्रभारी जोगेंद्र सिंह व प्रभारी निरीक्षक आशीष कुमार ने शातिराना चाल भी नाकाम कर दी।