मैनपुरी। विकास भवन में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी (डीएसटीओ) पर कार्यालय के ही वरिष्ठ सहायक ने मारपीट और अभद्रता का आरोप लगाया है। मुख्य विकास अधिकारी से शिकायत के बाद विभाग में खलबली मच गई है। मामले पर शुक्रवार को सीडीओ ने संबंधित के अलावा अन्य कर्मचारियों के भी बयान दर्ज किए।
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी के पद पर प्रशांत कुमार की तैनाती है। वहीं कार्यालय में वरिष्ठ सहायक हम्बीर सिंह स्थापना लिपिक का कार्य देख रहे हैं। सीडीओ को दिए गए शिकायती पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि 13 जनवरी को जब वे यात्रा विवरण फाइल पर हस्ताक्षर कराने के लिए जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी के कमरे में गए तो वे नाराज हो गए। उन्होंने मारपीट करने के साथ ही अभद्रता करते हुए कमरे से धक्के मारकर बाहर निकाल दिया। आवाज सुनकर अन्य कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए थे।
हम्बीर सिंह के शिकायती पत्र के आधार पर शुक्रवार को सीडीओ नगेंद्र शर्मा ने कार्यालय के सभी कर्मचारियों से इस बात की पूछताछ कर बयान दर्ज किए। अधिकांश कर्मचारियों ने अभद्रता किए जाने की पुष्टि की। सीडीओ ने जल्द से जल्द मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं जब मामले में जानकारी के लिए डीएसटीओ से बात की गई तो उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।
पूर्व में भी कर्मचारियों से हुई है अभद्रता
सीडीओ से वार्ता में कार्यालय के अन्य कर्मचारियों ने भी जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी द्वारा अभद्रता किए जाने की बात कही। उन्होंने बताया कई बार कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की गई है। इतना ही नहीं कई कर्मचारियों को अवकाश के बाद ज्वॉइन भी नहीं कराया गया। इससे वे परेशान हैं।
तत्कालीन जिलाधिकारी ने लिखा था डीओ
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रशांत कुमार को लेकर प्रशासन का रुख भी सख्त रहा है। डेढ़ साल पहले मई 2018 में तत्कालीन जिलाधिकारी प्रदीप कुमार ने उनके खिलाफ अर्ध शासकीय पत्र शासन को भेजा था। इसमें कहा गया था कि उनके द्वारा कार्य में कोई रुचि नहीं ली जा रही है। इससे कार्यों में समस्या आ रही है। तत्कालीन मंडलायुक्त के राममोहन राव को भी इस संबंध में लिखा गया था।
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी द्वारा मारपीट का मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच की जा रही है, जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
नगेंद्र शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।