कुरावली में महिला के साथ हुई घटना के बारे में जानकारी लेतीं महिला आयोग की सदस्य कमलेश गौतम
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मैनपुरी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पुलिस फरार पुलिसकर्मियों को क्यों नहीं पकड़ रही है। पुलिस को आम आदमी के सामने अपना मानवीय चेहरा रखना चाहिए। सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता के पति के साथ क्रूरता की हदें पार करने वाले पुलिसकर्मियों को सजा मिलनी ही चाहिए। यह बातें ट्रांजिस्ट हॉस्टल में शनिवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य कमलेश गौतम ने कहीं।
इस दौरान उन्होंने पीड़िता और उसके पति के साथ अलग-अलग बात की। घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली की भी जानकारी जुटाई। महिला और उसके पति ने आयोग की सदस्य को अपने शरीर पर आई चोटों के निशान भी दिखाए। बिछवां थानाध्यक्ष और थाने के सिपाहियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सीओ कुरावली डीपी गौड़, इंस्पेक्टर कुरावली शिवकुमार चौहान से घटनाक्रम के संबंध में जानकारी जुटाई। उन्होंने घटनास्थल का भी निरीक्षण किया।
महिला आयोग की सदस्य ने पत्रकारों से कहा कि पुलिस शक के आधार पर पूछताछ करे, लेकिन थर्ड डिग्री का प्रयोग करना उचित नहीं है। पीड़िता आरोप लगा रही है। आरोपी उसको स्वीकार कर रहे हैं तो फिर पुलिस की जांच की दिशा क्यों भटक रही है। इस मौके पर बाल संरक्षण अधिकारी अलका मिश्रा, बाल कल्याण समिति की सदस्य आराधना गुप्ता, महिला थानाध्यक्ष बरखा तोमर, एसीएमओ डॉक्टर सीएम यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार मौजूद रहे।
जांच के बाद आयोग दोषियों के खिलाफ करेगा कार्रवाई
पुलिस को पहले से ही पारदर्शिता रखनी चाहिए थी। शासन के हस्तक्षेप के बाद हुई कार्रवाई पुलिस की कार्यशैली को उजागर करती है। पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म का आरोपी मुठभेड़ के बाद पकड़ लिया। यह अच्छी बात है, लेकिन फरार पुलिस वाले क्यों नहीं पकड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ महिला आयोग कड़ी कार्रवाई करेगा।