एटा। मैनपुरी और कासगंज की यह दोनों ही घटनाएं प्रदेश भर में चर्चा का विषय रहीं थी। लेकिन मैनपुरी की घटना में पुलिस कर्मियों द्वारा महिला की पति की पिटाई करने से इस मामले ने और तूल पकड़ लिया था। इससे प्रदेश भर में सरकार की किरकिरी हुई थी। इसके चलते मामले का संज्ञान शासन स्तर पर लिया गया था। इसके चलते ही इन घटनाओं के खुलासे के लिए आईजी, डीआईजी स्तर के अधिकारी लगातार सक्रिय भूमिका में थे।
दोनों ही घटनाओं में महिलाओं को लाकर एटा क्षेत्र में छोड़ा गया था। इसके चलते कासगंज, मैनपुरी पुलिस की नजर एटा पर ही थी। आईजी आगरा ए सतीश गणेश ने भी एटा जनपद के बार्डर पर आकर एसएसपी से मुलाकात और मामले की प्रगति के बारे में बातचीत की थी। इसके अलावा एसपी मैनपुरी अजय शंकर राय और कासगंज एसपी ने भी एटा आकर आरोपियों की तलाश कराई थी। इसके चलते एटा पुलिस लगातार मोबाइल नेटवर्क और सर्विलांस के सहारे आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। मैनपुरी का मामला उछलने के बाद पूरी कार्रवाई में और तेजी दिखाई गई। सोशल साइट्स पर लगातार विपक्ष द्वारा सरकार को कोसा जा रहा था। इसके चलते मामले में मैनपुरी के एक इंस्पेक्टर सहित तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। साथ ही चार लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी।
डीआईजी पहुंचे एटा ली जानकारी
एटा। जैसे ही कासगंज और मैनपुरी घटना के आरोपियों के पकड़े जाने की जानकारी जैसे ही उच्चाधिकारियों को हुई। वैसे ही डीआईजी अलीगढ़ रेंज डा. प्रीतिंदर सिंह एटा पहुंच गए। उन्होंने एटा एसएसपी स्वप्निल ममगाई से पूरे मामले की जानकारी ली। इसके साथ ही आरोपियों के बारे में भी पूछताछ की। डीआईजी एसएसपी से मुलाकात करने के बाद निकल गए।
पहले दिन कासगंज की घटना के बाद से ही पुलिस सक्रिय थी। मैनपुरी की घटना के बाद एटा पुलिस ने तेजी दिखाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की है। पकड़े गए आरोपियों ने लूटपाट के साथ दुष्कर्म की भी घटनाओं को स्वीकारा है। उन्हें जेल भेज दिया गया है। उन पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संजय कुमार, एएसपी, एटा