मैनपुरी। ई-पॉश से राशन वितरण पर शासन और प्रशासन जोर दे रहा है, लेकिन अपनी जेबें भरने के चक्कर में कोटेदार इसका पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे ही एक कोटेदार पर पूर्ति विभाग ने एफआईआर दर्ज करवाकर कोटा निरस्त करने की कार्रवाई की है। मई से शहरी क्षेत्र के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी ई-पॉश से वितरण अनिवार्य कर दिया गया था। इसके लागू होने के राशन की कालाबाजारी पर रोक लगाने की मंशा प्रशासन ने की थी। क्योंकि ई-पॉश पर जब तक परिवार का कोई व्यक्ति अपना अंगूठा नहीं लगाता है, तब तक उसे राशन नहीं दिया जा सकता है, लेकिन इससे कोटेदारों को मुनाफा नहीं हो पा रहा है।
इसी के चलते विकास खंड करहल की ग्राम पंचायत अलीपुर में कोटा डीलर जनवेद ने ई-पॉश से केवल 32 प्रतिशत पात्रों को ही राशन का वितरण किया। सूचना मिलने पर एसडीएम करहल अनूप कुमार और जिला पूर्ति अधिकारी यूआर खान ने जांच की तो पता चला कि राशन डीलर द्वारा वितरण जानबूझकर नहीं किया गया। इस पर कार्रवाई करते हुए कोटा डीलर के खिलाफ थाना करहल में एफआईआर दर्ज कराई गई है। वहीं कोटा निरस्त करने के लिए भी डीएसओ ने जिलाधिकारी को संस्तुति भेजी है। कार्रवाई के बाद कोटा डीलरों में खलबली मच गई है।