कासगंज। कादरगंज पर सिंचाई विभाग के द्वारा बनाए गए मिट्टी के कच्चे बांध में गंगा के पानी का दबाव होने के कारण अभी से दरार पड़ने लगी हैं। लोगों को आशंका है कि कटान होने से स्थिति बिगड़ सकती है। कादरगंज पर कटानरोधी और बाढ़रोधी कार्यों की ओर लगातार गंगा की धारा का प्रवाह बना हुआ है। हालांकि अभी बांध सुरक्षित हैं।
ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर बांध की मरम्मत की
कासगंज। पटियाली क्षेत्र में कादरगंजखाम के इलाके से जुड़े कई गांव की ओर बाढ़ का पानी रोकने के लिए मनरेगा का बांध बना हुआ है। गंगा में पानी बढ़ने के बाद बांध क्षतिग्रस्त होने लगा, लेकिन प्रशासन और ग्राम पंचायत ने बांध की मरम्मत नहीं कराई। ऐसी स्थिति में परेशान ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर खुद श्रमदान करते हुए बांध की मरम्मत की है। जेसीबी (बुलडोजर) भी मंगाई गई। क्षेत्रीय निवासी अजीत कुमार यादव ने बताया कि यह बांध क्षतिग्रस्त होने पर हिम्मतनगर बझेरा, नौली फतुहाबाद, नगला जगमोहन, नगला डंबर आदि प्रभावित हो जाएंगे।
ग्रामीण विजय, नरेश, कुंवरपाल, करू डीलर, अजीत, सुखवीर, राजेंद्रपाल, इंद्रपाल, राजीव, झब्बू, हृदेश ने प्रशासन से मांग की है कि इन ग्रामीण इलाकों में बाढ़रोधी कार्यों को प्रभावी तरीके से किया जाए।
घरौंदा छोड़कर बाढ़ चौकियों पर नहीं जा रहे ग्रामीण
कासगंज। पटियाली का इलाका बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित है। एसडीएम प्रदीप कुमार विमल, नायब तहसीलदार मुकेश कुमार ने बाढ़ प्रभावित इलाके के ग्रामीणों को बाढ़ चौकियों पर पहुंचने के निर्देश दिए, लेकिन कोई ग्रामीण बाढ़ चौकियों पर नहीं जाना चाह रहा। एसडीएम प्रदीप विमल ने बताया कि लगातार गांव गांव भ्रमण कर लोगों को अलर्ट किया जा रहा है।