शुरुआती कार्य राजकीय निर्माण निगम ने किया था। निर्माण कार्य की घटिया गुणवत्ता पर शासन ने निर्माण एजेंसी के रूप में यह दायित्व जल निगम को दिया। लेकिन, मंगलवार को इसका निरीक्षण करने गए ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ नगेंद्र प्रताप को स्थिति बेहद खराब मिली हैं।
नवनिर्मित बाउंड्रीवाल में दरार पाई गईं। मुख्य द्वार की दीवार में भी दरार थीं। पाथवे में लगाए गए पत्थर जगह-जगह धंसे मिले। पत्थरों का आकार एक जैसा नहीं था, जो देखने में ठीक नहीं लग रहे थे। इन पत्थरों के बीच ज्वाइंट भी खुले पाए गए।
विद्युत पोल की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली है। कई स्थानों पर लगाए गए पत्थर जगह छोड़ रहे हैं। पूर्व में दिए गए दिशा-निर्देशों के तहत भी कार्य में सुधार नहीं किया गया। इसकी रिपोर्ट ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने निर्माण एजेंसी जल निगम के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन से संस्तुति की है।