मथुरा। महानगर के वार्ड 68 के रतन कुंड क्षेत्र में करीब 12 मकानों में दरारें आ गई हैं। इससे लोगों में दहशत है। यह मकान कभी भी धराशायी हो सकते हैं। इसके चलते कई परिवार घर छोड़ने को तैयार हैं। शुक्रवार को क्षेत्रीय पार्षद ने निगम अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि जल्द क्षेत्र की नालियों की मरम्मत नहीं कराई तो वह आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
चौबिया पाड़ा वार्ड 68 का सबसे ऊपरी क्षेत्र रतन कुंड में विगत एक सप्ताह से करीब 12 मकानों में दरार आ गईं। लोगों ने जब छानबीन की तो पता चला कि मकानों के किनारे बनी नालियों से पानी भवनों की जड़ों में जा रहा है जिसके चलते मकानों मेें दरार आई हैं। जिनके मकान फटे हैं उनमें मनोज चतुर्वेदी, जगदीश चतुर्वेदी, नरेंद्र चतुर्वेदी, बलदेव चतुर्वेदी, कपू चतुर्वेदी, जभु चतुर्वेदी, केशव, सतीश, सुरेंद्र चतुर्वेदी शामिल हैं।
परेशान लोगों द्वारा इस संबंध में निगम के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन अधिकारियों द्वारा उनकी एक नहीं सुनी। गुरुवार को सभी लोगों ने इसकी जानकारी क्षेत्रीय पार्षद रीतेश पाठक को दी। पार्षद द्वारा निगम के मुख्य अभियंता पीके मित्तल ,जल कल के एई राधेश्याम आदि से मुलाकात कर नालियों की मरम्मत संबंधी कार्य करने को कहा गया। पार्षद ने बताया कि जल्द ही नालियों की मरम्मत कार्य प्रारंभ हो जाएगा।
सड़क पर पड़ी कई परत, नहीं बनी नालियां
निगम अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि इस क्षेत्र में सड़क पर तो अभी तक पांच से छह दफा मरम्मत कार्य हो चुका है लेकिन नालियों को आज तक ठीक नहीं कराया है। जिसके चलते नालियों का सीमेंट उखड़ गया है और इनमें से पानी जमीन में जाने लगा है। यही पानी मकानों की नीवों में जा रहा है। बताया जाता है कि निगम के रिकार्ड में यह नालियां कई दफा बन चुकी हैं लेकिन हकीकत में इन नालियों को विगत लगभग बीस वर्ष से मरम्मत कार्य नहीं कराया गया है।