विश्व धरोहर आगरा किले के दीवान ए आम में 12 फरवरी को जी-20 मेहमानों के लिए लाइट एंड साउंड शो, प्रोजेक्शन मैपिंग व सांस्कृतिक समारोह हुआ। जिसके बाद छत व दीवारों में दरारें आ गईं। पर, अधीक्षण पुरातत्वविद कार्यालय ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) मुख्यालय से इस संबंध में कोई पत्राचार नहीं किया।
आगरा सर्किल ने मुख्यालय को नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं भेजी। लिखित में कोई कारण भी नहीं बताया। यह खुलासा जन सूचना अधिकार (आरटीआई) से हुआ है। एएसआई से आरटीआई में एक फरवरी से अब तक आगरा किले में हुए नुकसान के संबंध में पत्राचार व रिपोर्ट का ब्योरा मांगा गया था। पहली बार में सूचना नहीं दी।
फिर अपील करने पर अधीक्षण पुरातत्वविद राजकुमार पटेल ने जवाब में लिखा कि इस संबंध में कोई पत्राचार नहीं हुआ। 12 फरवरी की रात हुए सांस्कृतिक समारोह के बाद 13 फरवरी की सुबह जब एएसआई कर्मियों ने दीवान-ए-आम का निरीक्षण किया, तो छत व दीवारों पर पांच से छह इंच की दरारें नजर आईं। क्षतिग्रस्त हिस्से के चारों तरफ एएसआई ने बैरिकेडिंग की। उस हिस्से में पर्यटक जाने पर रोक लगाई। दरारों की जांच के लिए टेल-टेल ग्लास लगाए।
चार महीने बाद दरारों की जांच के लिए लगाए टेल-टेल ग्लास में से कई ग्लास टूट गए। ऐसा दरार बढ़ने पर होता है। एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद राजकुमार पटेल का कहना है कि दीवान-ए-आम में दरारें पहले से थीं। समारोह के बाद बढ़ गईं। इस संबंध में मुख्यालय को लिखित में नहीं बताया गया। अधिकारियों के साथ मौखिक चर्चा हुई। कई बार हमारे यहां लिखित में काम नहीं होता। उन्होंने बताया कि दरारों को भरने के लिए प्रस्ताव तैयार किया है।