गोरक्षकों पर उठ रहे सवाल को लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि गोरक्षा का कार्य कानून के दायरे में चल रहा है। किसी को शंका होती है तो भला-बुरा कह सकता है। गोरक्षा के काम ही उनके लिए उत्तर है। जो लोग पहले विरोधी थे, बाद में गोरक्षा के काम देखकर वे भी समर्थन में आ गए।
युवा नव दंपति सम्मेलन के मुक्त चिंतन सत्र में कई स्वयंसेवकों ने संघ प्रमुख के सामने गोरक्षकों पर मंडरा रहे खतरे को लेकर सवाल खड़े किए। साथ ही पिछले दिनों प्रधानमंत्री के बयान पर भी संघ के दृष्टिकोण को जानने की इच्छा जताई। इस पर संघ प्रमुख ने कहा कि गोरक्षा की गतिविधियां चल रही हैं और आगे भी चलती रहेंगी। वे अच्छा काम कर रहे हैं। वहीं, धर्मांतरण पर अप्रत्यक्ष रूप से कहा कि लोभ-लालच देकर जबरदस्ती किसी को इधर से उधर लाना-ले जाना बंद होना चाहिए। लोग अपनी जड़ों की ओर लौटें, इसके लिए धर्म जागरण किया जाता है।