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UP: पुलिस ने जानें किस तरह झूठे केस में फंसा दिया होशियार सिंह...जब्त की राइफल, ऐसे खुल गई पोल

Fri, 05 Dec 2025 09:01 AM IST
धीरेन्द्र सिंह प्रखर दीक्षित, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा पुलिस ने डौकी थाना क्षेत्र के रहने वाले होशियार सिंह के साथ जो किया, जानकर हैरान रह जाएंगे।  झूठे केस में फंसाकर उसकी राइफल का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की। एडीएम न्यायिक ने साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की संस्तुति को खारिज किया है। 
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agra police - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पुलिस नाराज हो तो किसी भी मामले में कभी भी फंसा सकती है। यह हम नहीं कह रहे बल्कि हाल ही में एक प्रकरण में पुलिस की करतूत में यह बात सामने आई है। प्रकरण असलहा लाइसेंस निरस्तीकरण की संस्तुति का था। एडीएम न्यायिक ने साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की संस्तुति को खारिज किया और निलंबित लाइसेंस बहाल करते हुए उसे रिलीज करने के आदेश दिए।
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मामला जिले के डौकी थाना क्षेत्र से जुड़ा है। 12 अप्रैल 2021 को तत्कालीन थाना प्रभारी डौकी व सीओ फतेहाबाद ने एत्मादपुर मदरा निवासी होशियार सिंह की राइफल का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की। तत्कालीन एसएसपी की ओर से कहा गया कि होशियार सिंह के खिलाफ गलत सूचना देने से संबंधित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। साथ ही कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। आपराधिक गतिविधि को देखते हुए शांति व्यवस्था व लोक शांति भंग किए जाने की आशंका के चलते इसे निरस्त किया जाए।

मामला अपर जिलाधिकारी न्यायिक के सामने पहुंचा तो होशियार सिंह ने बताया कि 13/14 अगस्त 2020 की रात उनके घर चोरी हुई थी। आरोप लगाया कि रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाने के लिए घूस मांगी। मना करने पर झूठे आरोप लगाकर उनके खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज कर दी गई। जांच के दौरान शस्त्र के दुरुपयोग किए जाने की कोई जानकारी सामने नहीं आई। इसी के बाद एडीएम न्यायिक धीरेंद्र सिंह ने निलंबन आदेश को वापस लेते हुए लाइसेंस बहाल करने का आदेश जारी कर राइफल लौटाने के आदेश दे दिए।
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