फिरोजाबाद के थाना टूंडला क्षेत्र में साढ़े सात वर्ष पूर्व डकैती और हत्या के मामले में सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। सभी पर 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। इस मामले में दो आरोपी न्यायालय में हाजिर नहीं होने के कारण उनकी फाइल अलग की गई है।
घटना एक नवंबर 2014 की है। टूंडला थाना क्षेत्र के गांव नगला बन्ना निवासी सुरेशचंद्र ने गांव के निवासी सतीश, रामनरेश सहित छह के खिलाफ जमीन का बैनामा नहीं करने की रंजिश के चलते डकैती डालने एवं पत्नी, बच्चों को घायल करने और बेटी बीना देवी की हत्या करने का मामला दर्ज कराया था। पुलिस की जांच में डकैती और हत्या करने दूसरे लोग निकले।
शाहजहांपुर और बदायूं के रहने वाले हैं अभियुक्त
पुलिस ने शाहजहांपुर के थाना जतीपुरा डमौरा निवासी यूसुफ उर्फ कालिया, तौकीर उर्फ चेयरमैन, मुनीस, डैनी, शेरखान उर्फ नाजिम, अनीष एवं सोनू और बदायूं जिले के उसेहतपुर निवासी फोविन, थाना कादरचौक निवासी साजिद उर्फ बिट्टू के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। मामला सुनवाई के लिए अपर जिला जज षष्टम एवं विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावी क्षेत्र आजाद सिंह न्यायालय में पहुंचा।
शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अजय कुमार शर्मा ने पैरवी की। न्यायालय ने यूसुफ उर्फ कालिया उर्फ रजी उर्फ यूसूफ, तौकीर उर्फ चेयरमैन, मुनीस, डैनी, शेरखान उर्फ नाजिम, फोविन, साजिद उर्फ बिट्टू को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। अनीष एवं सोनू के हाजिर नहीं होने के कारण फाइल अलग किए जाने के आदेश दिए हैं।