ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस द्वारा अभियुक्तों को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है...। यह टिप्पणी है विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) वीके जायसवाल की। मामला है आगरा के ताजगंज क्षेत्र स्थित आश्रय गृह में संवासनियों के यौन शोषण का।
कोर्ट के आदेश के बावजूद फरार अभियुक्तों की संपत्ति कुर्क नहीं की गई। न ही वारंट तामील करा उन्हें गिरफ्तार किया गया। कोर्ट ने डीजीपी को पत्र लिखकर गिरफ्तारी के लिए आदेश दिए हैं।
मामला चार साल पुराना है। तब चर्चित रहा था। तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट ने आश्रय स्थल पर सील लगवा दी थी। संवासनियों के यौन शोषण की शिकायतें मिली थीं। इस पर केस दर्ज कराया गया था।
ये हैं आरोपी
इसमें दाउदयाल मथुरिया, रिंकू उर्फ राकेश व दाऊदयाल की पत्नी शारदा आरोपी हैं। ये ताजगंज के लोहागढ़ के रहने वाले हैं। इन पर संवासिनियों को बंधक बनाने, मारपीट करने, मानव तस्करी और यौन शोषण के आरोप हैं।