फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुष्कर्म के आरोपियों को संरक्षण दे रही पुलिस, कोर्ट ने डीजीपी को दिया कार्रवाई का आदेश

Tue, 17 Mar 2020 12:50 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

ताजगंज के आश्रय गृह में युवतियों से दुष्कर्म का मामला 
कोर्ट के आदेश के बावजूद फरार अभियुक्तों की संपत्ति कुर्क नहीं 
विज्ञापन
Court order
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस द्वारा अभियुक्तों को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है...। यह टिप्पणी है विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) वीके जायसवाल की। मामला है आगरा के ताजगंज क्षेत्र स्थित आश्रय गृह में संवासनियों के यौन शोषण का। 
विज्ञापन


कोर्ट के आदेश के बावजूद फरार अभियुक्तों की संपत्ति कुर्क नहीं की गई। न ही वारंट तामील करा उन्हें गिरफ्तार किया गया। कोर्ट ने डीजीपी को पत्र लिखकर गिरफ्तारी के लिए आदेश दिए हैं।

मामला चार साल पुराना है। तब चर्चित रहा था। तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट ने आश्रय स्थल पर सील लगवा दी थी। संवासनियों के यौन शोषण की शिकायतें मिली थीं। इस पर केस दर्ज कराया गया था।
विज्ञापन


ये हैं आरोपी

इसमें दाउदयाल मथुरिया, रिंकू उर्फ राकेश व दाऊदयाल की पत्नी शारदा आरोपी हैं। ये ताजगंज के लोहागढ़ के रहने वाले हैं। इन पर संवासिनियों को बंधक बनाने, मारपीट करने, मानव तस्करी और यौन शोषण के आरोप हैं।
विज्ञापन

जांच पहले ताजगंज पुलिस ने की। इसके बाद सीबीसीआईडी को सौंपी गई। कोर्ट ने दोनों की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी की है। इस मामले में कुर्की के आदेश दिए गए थे। सीबीसीआईडी के विवेचना प्रभारी सूर्यकांत द्विवेदी ने इस कार्रवाई की आख्या कोर्ट में प्रस्तुत नहीं की।

कोर्ट ने डीजीपी को लिखा है कि इस केस में आश्रय स्थल के दस्तावेज भी कूटरचित पाए गए। इतने गंभीर मामले में पुलिस की लापरवाही सवाल पैदा करती है। ऐसा प्रतीत होता है कि सीबीसीआईडी और ताजगंज थाना पुलिस अभियुक्तों को संरक्षण दे रही है।

तीन दिन में करनी होगी गिरफ्तारी

कोर्ट ने आदेश दिया है कि फरार अभियुक्तों को हर हाल में 20 मार्च तक कोर्ट में पेश किया जाए। उनके खिलाफ जारी कुर्की वारंट भी तामील कराया जाए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें