मैनपुरी। थाना कोतवाली क्षेत्र के 40 साल पुराने मामले में तीन दरोगा और चार सिपाहियों को सीजेएम तेंद्रपाल ने फरार घोषित किया है। उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट और कुर्की करने के वारंट जारी करके एसपी को भेजे गए हैं। अदालत का आदेश तामील कराकर छह मार्च को सीजेएम कोर्ट में आख्या देने के निर्देश एसपी को दिए गए हैं। वर्ष 1980 में शहर के मोहल्ला सोतियाना निवासी रमाकांत पाठक को कोतवाली पुलिस ने कथित मुठभेड़ में मार गिराया था। उसके पिता रामशंकर की शिकायत पर हुई सीबीसीआईडी जांच में तत्कालीन सीओ शीलभद्र धर द्विवेदी, इंस्पेक्टर प्रमेंद्र सिंह, एसआई होतीलाल यादव, महावीर सिंह, वीरेंद्र सिंह, सतीश मोहन गोस्वामी, मोहर सिंह वर्मा, कांस्टेबल गेंदालाल, रामलाल, ध्रुव नरायन, चंद्रभान, जीप चालक राजपाल सिंह को रमाकांत को घर से ले जाकर हत्या करने का दोषी पाया गया था। सीबीसीआइडी जांच के बाद अदालत में दी गई चार्जशीट के बाद मुकदमे की सुनवाई सीजेएम तेंद्रपाल की कोर्ट में की जा रही है।
बुधवार को सीजेएम ने आरोपी दरोगा वीरेंद्र सिंह, महावीर सिंह, सतीश मोहन गोस्वामी, सिपाही ध्रुव नरायन, रामभरत, गेंदालाल, जीप चालक राजपाल सिंह को फरार घोषित करके उनके गैर जमानती और कुर्की वारंट जारी कर दिए हैं। न्यायालय ने गैर जमानती और कुर्की वारंट एसपी को भेजकर अदालत का आदेश तामील कराकर छह मार्च को अदालत में आख्या देने के निर्देश दिए हैं।
चार लोगों की फाइल कर दी बंद
रमाकांत की हत्या करने केे आरोपी सीओ शीलभद्र धर द्विवेदी, दरोगा होतीलाल, मोहर सिंह, सिपाही चंद्रभान सिंह की मौत हो चुकी है। कोतवाली पुलिस द्वारा कोर्ट में दी गई आख्या के बाद सीजेएम तेंद्रपाल ने चारों आरोपियों की फाइल बंद कर दी है।
हाईकोर्ट कर रहा मॉनीटरिंग
सीजेएम तेंद्रपाल ने एसपी को भेजे पत्र में कहा है कि इस मामले की मॉनीटरिंग हाईकोर्ट से की जा रही है। संबंधित मामला 40 साल पुराना है। इस मामले का शीघ्र निस्तारण करने के हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं। इसे देखते हुए गंभीरता से आदेश का पालन कराया जाए।