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सजा के खिलाफ दायर की गई अपील हुई खारिज

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मैनपुरी। दहेज की खातिर महिला की हत्या का प्रयास करके मारपीट करने केे बाद घर से निकालने के मामले में एसीजेएम कोर्ट केे निर्णय को अपर जिला जज ने बरकरार रखा है। आरोपियों द्वारा सजा के खिलाफ की गई अपील को एडीजीसी की बहस सुनने के बाद खारिज कर दी है।
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थाना दन्नाहार के महटौली निवासी रामकृष्ण की पुत्री ममता की शादी जुलाई में वर्ष 2000 में प्रदीप कुमार निवासी हिमायूंपुर बंद गली फिरोजाबाद के साथ हुई थी। शादी के बाद दहेज की मांग को लेकर ममता के पति प्रदीप, ससुर रामसनेही, सास विद्यादेवी, चचिया ससुर रहीसपाल ने आठ मई 2004 को ममता की हत्या करने का प्रयास किया। शोरगुल सुनकर लोगों के आ जाने पर उसको मारपीट करके घर से निकाल दिया। रामकृष्ण की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके चार्जशीट चारों के खिलाफ कोर्ट में भेजी। एसीजेएम कोर्ट में मामले की सुनवाई के बाद चारों को सजा सुनाई गई।
ममता के पति प्रदीप कुमार ने अपने वकील जतन सिंह यादव के माध्यम से सजा के खिलाफ अपील दायर की। अपील की सुनवाई अपर जिला जज अखिलेश कुमार की कोर्ट में हुई। ममता की ओर से एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बहस की। अपर जिला जज ने एसीजेएम के आदेश के खिलाफ दायर की गई अपील को आधारहीन पाकर खारिज कर दिया है। एसीजेएम के आदेश को बरकरार रखा गया है।
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