मैनपुरी। मिलावट पर रोक लगाने के लिए न केवल खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है। बल्कि जांच में नमूने फेल होने पर कार्रवाई भी की जा रही है। बुधवार को ऐसे ही दस मामलों में अपर जिलाधिकारी कोर्ट ने मिलावटखोरों पर चार लाख रुपयेे का जुर्माना लगाया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भेजे जाते हैं। जांच रिपोर्ट में जो नमूने ऐसे पाए जाते हैं, जिनमें मिलावट तो होती है, लेकिन वह मानव शरीर के लिए हानिकारक नहीं होती है। इन मामलों की सुनवाई अपर जिलाधिकारी न्यायालय में की जाती है। लंबे समय से चल रहे दस मामलों में अपर जिलाधिकारी बी. राम ने इस महीने सुनवाई के बाद दस मिलावटखोरों पर चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। ये जुर्माना उन्हें एक माह के अंदर जमा कराकर रसीद संबंधित विभाग को उपलब्ध करानी होगी। जो नमूने फेल हुए हैं, इनमें रिफाइंड, दूध, तेल समेत अन्य नमूने शामिल थे। अपर जिलाधिकारी द्वारा अधिक जुर्माना लगाए जाने से मिलावटखोरों में खलबली मच गई है।
इन पर हुआ जुर्माना
नाम नमूना जुर्माना
गौरव जैन, करहल रिफाइंड 35 हजार
नितिन बाबू, कुरावली वनस्पति घी 40 हजार
भीमसेन, पंजाबी कॉलोनी कुरकुरे 25 हजार
कुंवरपाल, किशोरपुर मिश्रित दूध 30 हजार
वीरप्रताप, सीतापुर मिश्रित दूध 35 हजार
शाह आलम, करहल रस्क 25 हजार
अशोक कुमार, मैनपुरी सरसों का तेल 65 हजार
अंकुर अग्रवाल, कटरा सरसों का तेल 25 हजार
मनीष, ज्योंती तिराहा सरसों का तेल 95 हजार
राजकुमार, खरगजीत नगर पनीर 25 हजार
अपर जिलाधिकारी कोर्ट द्वारा सुनवाई के बाद मिलावट करने वालों पर जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अधिक लगाने के पीछे कहीं न कहीं मिलावट पर शिकंजा कसने की मंशा है।
रामसुंदर प्रसाद, अभिहित अधिकारी मैनपुरी। ?