मैनपुरी। थाना घिरोर क्षेत्र में 23 साल पहले गैर इरादतन हत्या के एक मामले में जिला जज तेजप्रताप तिवारी ने पांच आरोपियों को 10 साल की सजा सुनाई है। उन पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने केे बाद सभी को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
थाना घिरोर क्षेत्र केे नगला मान निवासी बंटू और विनोद 12 अगस्त 1997 को खेत पर गए थे। उनके खेत से होकर गंाव के ही महाराज सिंह, रामसतेवक, पंछीलाल, मुनेश, महेश पानी निकाल रहे थे। दोनों ने जब विरोध किया तो सभी ने उनको लाठी-डंड़ों से पिटाई कर दी। इससे बंटू की मौके पर ही मौत हो गई। विनोद को गंभीर चोटें आईं। बंटू के चाचा नरेंद्र सिंह ने सभी पर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच करने के बाद पांचों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई जिला जज तेजप्रताप तिवारी की कोर्ट में हुई।
अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर पांचों को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया गया। डीजीसी वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने पांचों को कड़ी सजा देने की दलील दी। जिला जज तेजप्रताप तिवारी ने सभी को 10 साल की सजा सुनाई है। उन पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद सभी को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
घायल को मिलेंगे 45 हजार रुपये
गैर इरादतन हत्या का आरोप साबित होने पर आरोपियों पर 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। डीजीसी वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया जिला जज तेजप्रताप तिवारी ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की धनराशि में से 45 हजार रुपये घायल विनोद को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे।