मैनपुरी। लॉकडाउन अवधि में अदालतों में लंबित मुकदमों में जारी किए गए अंतरिम आदेशों की मान्य अवधि बढ़ा दी गई है। जारी किए गए सभी अंतरिम आदेश 31 दिसंबर तक प्रभावी रहेंगे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला जज ने सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
कोरोना काल में लॉकडाउन अवधि में अदालतों में लंबित मुकदमों में वादकारियों के नुकसान को रोकने के लिए वादकारियों के प्रार्थना पत्रों पर अंतरिम आदेश जारी किए गए थे। अनलॉक में मुकदमों की सुनवाई तो शुरू हुई, लेकिन अंतरिम आदेशों को लेकर वादकारियों और वकीलों के बीच भ्रम की स्थिति बनी रही।
पूर्व में अदलतों की ओर से मुकदमेां में जारी किए गए अंतरिम आदेशों के संबंध में हाईकोर्ट ने नया आदेश जारी किया है। इसके तहत पूर्व में जारी किए गए अंतरिम आदेशों की मान्य अवधि बढ़ा दी है। अब पूर्व में जारी किए जा चुके सभी अंतरिम आदेश 31 दिसंबर तक प्रभावी रहेंगे। अंतरिम आदेशों के खिलाफ संबंधित न्यायालय की ओर से कोई आदेश जारी नहीं किया जाएगा।
जमानत और स्टे में मिला लाभ
कोरोना काल में लंबित मुकदमों में जमानत और स्टे वाले मुकदमों में अंतरिम आदेश जारी किए गए हैं। जिला न्यायालय में 20 से अधिक मामलों में अंतरिम आदेश जारी हुए हैं। अंतरिम आदेशों की मान्य अवधि बढ़ाए जाने से इन मुकदमों केे वादकारियों को अंतरिम आदेशों की मान्य अवधि का लाभ 31 दिसंबर तक मिलेगा।
अंतरिम आदेशों की मान्य अवधि बढ़ाए जाने का लाभ वादकारियों को मिलेगा। उनके मुकदमों में कोई नुकसान भी नहीं होगा। 31 दिसंबर तक अंतरिम आदेश प्रभावी रहेंगे।
ब्रजेंद्र सिंह यादव, सचिव बार एसोसिएशन