मैनपुरी। अदालतों में चल रहे मुकदमों में तय तारीखों पर गवाही नहीं देना अब सरकारी कर्मचारियों को महंगा पड़ेगा। लापरवाही बरतने पर उनका वेतन काटने और रोकने जैसी कार्रवाई भी कराई जाएगी।
हाईकोर्ट ने दस साल से लंबित मुकदमों की सूची बनाकर कार्रवाई शुरू कराने को कहा है। दीवानी और फौजदारी अदालतों में लंबे समय से गवाही नहीं हो पाने के कारण मुकदमे लंबित चल रहे हैं। मुकदमों का समय से निस्तारण नहीं हो पाने केे कारण अदालतों पर काम का बोझ भी बढ़ता जा रहा है। तमाम मुकदमे सरकारी कर्मचारियों की गवाही नहीं हो पाने के कारण लंबित हैं। अधिकांश मुकदमों में पुलिसकर्मियों की गवाही नहीं हो पाने केे कारण मुकदमे लंबित हो रहे हैं। हाईकोर्ट ने अदालतों पर बढ़ रहे काम के बोझ को कम करने के लिए दस साल सें लंबित मुकदमों की सूची बनाकर संबंधित कर्मचारियों केे खिलाफ कार्रवाई शुरू कराने ेको कहा है।
वेतन काटने की होगी कार्रवाई
जिन मुकदमों में सरकारी कर्मचारियों की गवाही नहीं हो पाने केे कारण मुकदमा लंबे समय से लंबित है। उनमें संबंधित कर्मचारी का वेतन काटने और रोकने जैसी कार्रवाई होगी। हाईकोर्ट से मिले निर्देश के तहत की गई कार्रवाई से संबंधित कर्मचारी के विभागाध्यक्ष को की गई कार्रवाई अमल में लाने को पत्र भेजा जाएगा।
अदालत में समय से गवाही नहीं हो पाने पर न्याय पाने को पीड़ित परेशान होता है। हाईकोर्ट के नए निर्देश के बाद पीड़ित को समय से न्याय मिल सकेगा।
संजय चौहान, पूर्व अध्यक्ष बार एसोसिएशन
समय से अदालत में गवाही नहीं देनेे पर वेतन काटने और रोकने जैसी कार्रवाई का फायदा पीड़ित को होगा। लापरवाह कर्मचारियों पर शिकंजा भी कस जाएगा।
चतुर सिंह, पूर्व डीजीसी फौजदारी