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तीन दोषियों को आजीवन कारावास

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मैनपुरी। थाना किशनी क्षेत्र में सात साल पहले दावत के बहाने घर से ले जाकर हत्या करने के तीन दोषियों को एफटीसी (फास्ट ट्रैक कोर्ट) जज द्वितीय अवनीश गौतम ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सजा सुनाने के बाद तीनों को जेल भेजा गया है।
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थाना किशनी क्षेत्र के कमलपुर निवासी आदेश कुमार को 25 अक्तूबर 2012 की शाम पांच बजे ईश्वर दयाल, विनोद कुमार निवासी दौलतपुर, मनोज कुमार निवासी पृथ्वीपुर, राजवीर उर्फ करु निवासी लालपुर बदनपुर थाना किशनी दावत के बहाने घर से अपने साथ ले गए थे। जब वह रात तक घर नहीं लौटे तो परिवार के लोगों ने तलाश शुरू की लेकिन उनका कोई पता नहीं चला।
26 अक्तूबर की सुबह गांव के बाहर नदी किनारे उनका जली हालत में शव मिला। आदेश की पत्नी मीना देवी ने चारों के खिलाफ थाना किशनी में हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई।पुलिस ने जांच करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी जज द्वितीय अवनीश गौतम की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से आदेश की पत्नी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने आदेश की हत्या करने के संबंध में गवाही दी।
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गवाही के आधार पर विनोद, मनोज, राजवीर को हत्या करके सबूत मिटाने का दोषी पाया गया। एडीजीसी पीसी निगम ने उनको कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उनको 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा।
प्रधानी की रंजिश में हुई हत्या
आदेश और ईश्वर दयाल के बीच प्रधानी के चुनाव के बाद रंजिश गहरा गई थी। दोनों ने अलग अलग उम्मीदवारों का समर्थन किया था। आदेश के समर्थक के प्रधान चुने जाने केे बाद ईश्वर दयाल ने अपने साथियों की मदद से आदेश की घर से ले जाकर हत्या कर दी।
साक्ष्य केे अभाव में बरी किया
आदेश की हत्या के मामले में हुई गवाही में ईश्वर दयाल के खिलाफ हत्या करने की बात साबित नहीं हुई। गवाही नहीं आने और साक्ष्य के अभाव में ईश्वर दयाल को एफटीसी द्वितीय के जज अवनीश गौतम ने आदेश की हत्या करने के आरोप से बरी कर दिया।
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