मथुरा में अदालत ने 99 बार की गई लापरवाही माफ की, लेकिन 100वीं बार कोतवाल को नहीं बख्शा। बिजली चोरी के मामले में गवाहों को पेश करने में असफल रहे छाता कोतवाल पर विशेष न्यायाधीश अमर पाल सिंह ने जुर्माना ठोंका है।
इतना ही नहीं, अदालत ने मौजूदा कोतवाल के सेवा पत्रावली में भी इसे दर्ज करने के लिए पुलिस उच्चाधिकारियों को कहा है। साथ ही गवाहों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।
बिजली चोरी का यह मामला वर्ष 2007 से न्यायालय में विचाराधीन था। छाता क्षेत्र के इस मामले में एचसीपी राघवेन्द्र सिंह यादव तथा उप निरीक्षक राम सनेही की गवाही होनी थी। दोनों गवाह लगातार गैर हाजिर चल रहे थे।