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बिजली चोरी करने पर लगाया पांच हजार जुर्माना

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मैनपुरी। बकाया बिजली बिल जमा नहीं करने पर काटे गए कनेक्शन को जोड़कर कटिया से बिजली चोरी करने वाले पर स्पेशल जज विद्युत ने पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना जमा करने पर उसको अदालत से छोड़ दिया गया है।
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करहल तहसील के नगला बांक निवासी शिवप्रसाद के मकान पर बिजली बिल बकाया होने पर जेई जगतपाल सिंह ने फरवरी 2009 में कनेक्शन काट दिया। मार्च में दोबारा चेकिंग में बिना बिल जमा किए कटे हुए कनेक्शन को जोड़कर बिजली चोरी करते हुए पकड़ा गया। जेई ने थाना करहल में रिपोर्ट लिखाई। पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मामले की सुनवाई स्पेशल जज विद्युत की कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान चेकिंग टीम के सदस्यों ने बिजली चोरी करके नलकूप चलाने के संबंध में गवाही दी। गवाही के आधार पर स्पेशल जज विद्युत ने उसको बिजली चेारी करने का दोषी पाया। उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना अदा करने पर उसको अदालत से छोड़ दिया गया है।
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बिजली चोरी के दो आरोपी कोर्ट में तलब
मैनपुरी। थाना भोगांव के गांव महोलीखेड़ा में बिजली चोरी के दो आरोपियों को स्पेशल जज ईसी एक्ट अशोक कुमार ने कोर्ट में तलब किया है।
विद्युत विभाग की विजीलेंस टीम ने 16 नवंबर 2017 को थाना भोगांव के गांव महोलीखेड़ा में चेकिंग करके अमर सिंह और मुकेश को बिजली चोरी करते पकड़ा। टीम प्रभारी ने दोनों केे खिलाफ बिजली चोरी करने की रिपोर्ट उसी दिन थाना भोगांव में दर्ज करा दी। थाना भोगांव पुलिस ने जांच के दौरान ग्राम प्रधान के पत्र के आधार पर अमर सिंह और मुकेश द्वारा बिजली चोरी नहीं करने की बात मानते हुए बिजली चोरी के मामले में एफआर लगा दी। एफआर की सुनवाई स्पेशल जज ईसी एक्ट अशोक कुमार की कोर्ट में हुई। बिजली विभाग के अधिवक्ता देवेंद्र सिंह कटारिया ने कोर्ट में बताया पुलिस ने ग्राम प्रधान के पत्र के आधार पर एफआर लगा दी है। जबकि दोनों ने विभाग में कोई शमन तथा राजस्व शुल्क जमा नहीं किए है। स्पेशल जज ने पुलिस द्वारा लगाई गई एफआर को निरस्त करके बिजली चोरी करने के आरोपी अमर सिंह और मुकेश को सम्मन भेजकर कोर्ट में तलब किया है।
ग्राम प्रधान का पत्र बनाया आधार
माहेलीखेड़ा के ग्राम प्रधान ने पुलिस को एक पत्र दिया। इसमें लिखकर दिया कि अमर सिंह का मकान बंद रहता है। उसका परिवार रसूलाबाद में रहता है। मुकेश के घर में बिजली का तार और बिजली संबंधी कोई उपकरण नहीं हैं। पुलिस ने इसी पत्र के आधार पर एफआर लगाई। कोर्ट में भेजी एफआर में ग्राम प्रधान के पत्र को भी शामिल किया।
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