दो माह पूर्व हुई ट्रांसपोर्टर की हत्या के आरोप में जेल में बंद तेल कारोबारी की जमानत शनिवार को जिला जज ने खारिज कर दी। जिला जज कोर्ट से एक आरोपी की जमानत पहले ही हो चुकी है।
13 अक्तूबर 2018 को रुक्मिणी विहार मंडी बाईपास निवासी ट्रांसपोर्टर अशोक अग्रवाल का शव कोसीकलां रेलवे स्टेशन के पास नीम के पेड़ से लटका मिला था। उसके भाई सुरेश अग्रवाल ने इस संबंध में कृष्णा नगर चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने इसे आत्महत्या माना जबकि परिजन ने इसे हत्या बताया तथा बाद गांव निवासी तेल कारोबारी शिवराज तथा उसके साथियों पर हत्या का आरोप लगाया ।
शनिवार को जिला जज कोर्ट ने जेल में बंद शिवराज निवासी गांव बाद की जमानत खारिज कर दी। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता संतोष कुमार शर्मा ने कोर्ट मेें मृतक की वह ऑडियो भी पेश की जिसमें उसने अपने पुत्र को बताया कि शिवराज ने उसका अपहरण कर लिया है तथा वह उसे मार रहे हैं।
साक्ष्यों के आधार पर जिला जज अशोक कुमार सिंह तृतीय ने हत्या के मामले में तेल कारोबारी शिवराज की जमानत खारिज कर दी। प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि मृतक का ऑडियो मृत्यु पूर्व बयान की तरह से माना जाएगा। साक्ष्यों के आधार पर हत्यारोपी की जमानत खारिज कर दी गई।