फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुख्यमंत्री योगी के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर, माया-अखिलेश पर की थी ये टिप्पणी

Tue, 21 May 2019 08:29 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
समाजवादी प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष पूर्व एसपीओ रामदास निगम ने सीजेएम कोर्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ धारा 156 (3) के तहत अपने अधिवक्ता पूर्व विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट रामसेवक के माध्यम से वाद दायर किया है। सीजेएम ममता सिंह ने मामले की सुनवाई के लिए 21 मई की तारीख तय की है।
विज्ञापन


रामदास निगम के 21 मई को सीजेएम कोर्ट में बयान दर्ज किए जाएंगे। थाना कोतवाली के मोहल्ला आजाद नगर निवासी रामदास निगम पूर्व एसपीओ हैं। वह समाजवादी पार्टी प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष हैं।

उन्होंने दायर वाद में कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ और जौनपुर की चुनावी सभाओं में पूर्व मुख्यमंत्री सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को गुंडों का सरताज और पूर्व मुख्यमंत्री बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को भ्रष्टाचार की प्रतिमूर्ति कहा है, जबकि किसी भी जांच एजेंसी ने आज तक अखिलेश यादव को अपराधी नहीं माना है।
विज्ञापन

 
Trending Videos
विज्ञापन

मुख्यमंत्री के बयान को छह मई 2019 को अखबारों में प्रमुखता से छापा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को अहतशाम हुसैन हाशमी एडवोकेट, रामप्रकाश पाल एडवोकेट, अशोक कुमार सिंह एडवोकेट अध्यक्ष डॉक्टर अंबेडकर बार एसोसिएशन, प्रमोद कुमार यादव निवासी अंजनी थाना बिछवां ने भी अखबारों में पढ़ा है।

दायर वाद में बताया गया है कि जब उन्होंने थाना कोतवाली में मामले की तहरीर दी तो पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी। इसके बाद एसपी को रजिस्ट्री से भेजी गई शिकायत पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। मुख्यमंत्री के बयान से समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों तथा समाजवादी नीति को मानने वालों की भावनाएं आहत हुई हैं।

मुख्यमंत्री के खिलाफ आईपीसी की धारा 500 तथा एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। सीजेएम ममता सिंह ने वाद की सुनवाई के लिए 21 मई की तारीख तय की है। सीजेएम कोर्ट में रामदास निगम के 21 मई को ही बयान दर्ज किए जाएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें