मैनपुरी। थाना घिरोर क्षेत्र से 7 साल पहले किशोरी का अपहरण करके सामूहिक दुष्कर्म करने के दो आरोपियों को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाह अदालत में दी गई गवाही में घटना को साबित नहीं कर सके। थाना घिरोर क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली एक किशोरी अपने पिता के साथ 29 अगस्त 2018 को दवा लेनेे के लिए गांव से पैदल अपने पिता के साथ घिरोर जा रही थी। रास्ते में मिला अनिल कुमार निवासी घौरासी थाना घिरोर उसको बाइक से अपने साथ घिरोर ले आया। किशोरी के पिता दूसरे वाहन से घिरोर गए। घिरोर पहुंचने पर जब किशोरी नहीं मिली तो उसके पिता ने तलाश शुरू की लेकिन किशोरी का पता नहीं चला। 30 अगस्त को किशोरी के पिता ने अनिल के खिलाफ किशोरी का अपहरण करने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर लिया। किशोरी ने अदालत में दिए गए बयानों में बताया कि घौरासी के अनिल और प्रशांत उर्फ कन्हैया ने अपहरण करने के बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया है। पुलिस ने दोनों को जेल भेजने के बाद चार्जशीट न्यायालय में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज चेतना चौहान के न्यायालय में हुई। अदालत में गवाही के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाह घटना को साबित नहीं कर सके। अपराध साबित नहीं होने पर अपर जिला जज ने सामूहिक दुष्कर्म करने के दोनों आरोपियों को बरी कर दिया है।