पत्नी की हत्या कर साक्ष्य नष्ट करने के लिए शव को जलाने के मामले में मृतका के भाई ने आरोपी पति हुकुम सिंह निवासी नगला हट्टी, थाना मलपुरा के पक्ष में बयान दिए। इस पर साक्ष्य के अभाव में एडीजे-10 काशीनाथ ने आरोपी को बरी करने के आदेश दिए।
थाना मलपुरा में दर्ज मामले के अनुसार, वादी जग्गो (निवासी नगला बली, थाना बलदेव, मथुरा) ने बताया था कि उनकी पुत्री अनीता की शादी वर्ष 2010 में हुकुम सिंह के साथ हुई थी। आरोप लगाया कि विवाह के बाद से ही पति और ससुरालीजन प्रताड़ित करने लगे। आरोपियों ने पहले भी पुत्री को जान से मारने की कोशिश की थी। 20 मार्च, 2024 को किसी व्यक्ति ने सूचना दी कि ससुराल में उनकी पुत्री की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसका दाह संस्कार किया जा रहा है।
पुलिस को सूचना देकर वह पुत्री की ससुराल पहुंचे तो श्मशान घाट पर पुत्री की लाश जलती मिली। जलती चिता से पुत्री के अवशेष बरामद कर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। आरोपी पति खेत बेचना चाहता था। बेटी के विरोध करने पर हत्या को अंजाम दिया गया। अदालत में मृतका के पिता ने अपने दामाद के विरुद्ध बयान दिए, वहीं मृतका के भाई श्यामवीर ने अपने बहनोई के पक्ष में बयान दिए। भाई ने अदालत में बताया कि उसके पिता ने बहनोई से बहन के माध्यम से तीन लाख रुपये उधार लिए थे। रुपये वापस नहीं करने पर बहन मानसिक रूप से परेशान रहती थी, इसी कारण बहन ने फंदे से लटककर जान दी थी।