अब उत्तर प्रदेश में गोवंश की गणना होगी। हर गाय और सांड़ को उसका एक नंबर दिया जाएगा। इतना ही नहीं गोशाला संचालन के लिए हर जिले में डीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जाएगा।
बजट की कमी न होने पाए इसके लिए गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। शनिवार को मथुरा के वेटरनेरी यूनिवर्सिटी में हुई हाई पावर कमेटी की बैठक में यह प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। यह कमेटी इस प्रस्ताव को अब मुख्यमंत्री के समक्ष रखेगी।
प्रदेश में खुले घूम रहे गोवंश एक बड़ी समस्या बन रहा है। कहीं-कहीं तो आवारा पशु कानून व्यवस्था का सवाल बनने लगे हैं। किसान इन गोवंश को पकड़कर स्कूल-कालेजों में बंद कर रहे हैं।