गजोधर के किरदार के जरिए हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव ताज महोत्सव के मुख्य मंच पर शुक्रवार की रात हंसी की फुलझड़ियां छोड़ते रहे। राजकुमार रैंचो और वीआईपी ने देर रात तक दर्शकों को हंसा-हंसा कर लोट-पोट कर दिया। कामेडी नाइट में कभी राजू का ठेठ देसी अंदाज नजर आया तो कभी उन्होंने राजनीति पर चुटीले व्यंग्य कसे।
लाफ्टर शो के रनर अप, बिग बॉस सहित कई कार्यक्रमों से लोगों को हंसाने वाले राजू श्रीवास्तव ने शुक्रवार को ताज महोत्सव में देर रात तक दर्शकों को हंसाया। राजू के राजनीति, मीडिया, अंडरवर्ल्ड, घोटालों और फिल्मों पर आधारित चुटकुलों पर दर्शकों के बीच हंसी के फव्वारे छूटते रहे। राजनीति के मैदान में उतरने के बाद ऐन चुनाव पर मैदान छोड़ने वाले राजू ने कई राजनेताओं पर व्यंग्स कसे तो दर्शक अपनी हंसी रोक न पाए।
राजू केसाथ स्टैंड अप कामेडियन रैंचो ने अपनी विशिष्ट शैली में जो हास्य रचनाएं पेश की, वह टीवी के उलट ज्यादा प्रभावित करती दिखीं। वीआईपी ने चुटकुले के जरिए लोगों को लोट पोट कर दिया। राजू-रैंचो से पहले लिविंग रूम थियेटर ने राजनीति पर आधारित नाटक बादशाह रंगीला पेश किया। खुशबू चौहान ने गायन, शुभ सक्सेना ने तबला वादन, सुजाता अग्रवाल ने सुगम संगीत और सुनीता धाकड़ और अलका धाकड़ ने लोक संगीत से समां बांध दिया।
महोत्सव को 3.5 लाख की सरकारी मदद
ताज महोत्सव की रजत जयंती पर प्रदेश सरकार ने 3.5 लाख रुपये की सहायता दी है। इससे पहले प्रदेश सरकार एक लाख रुपये ही ताज महोत्सव के लिए देती रही है। पिछले कुछ सालों में यह भी मिलना बंद हो गया। तब महोत्सव को केंद्र सरकार के हस्तशिल्प और कपड़ा मंत्रालय से मदद मिलती रही। बाकी फंड चंदे से जुटाया जाता रहा। यह पहला मौका है जब ताज महोत्सव को 3.5 लाख रुपये की मदद दी गई। प्रदेश सरकार के विशेष सचिव तुलसी राम ने संस्कृति निदेशालय को वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने का शासनादेश भेज दिया है।