आगरा। नगर निगम के बजट अधिवेशन में सफाई और घटती कमाई के मुद्दे पर पार्षदों ने जोरदार हंगामा किया। सदन में मुख्य लेखाधिकारी ने 1772.11 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जिसे मामूली संशोधनों के साथ मंजूर कर लिया गया। वहीं 1500 आउटसोर्सिंग सफाईकर्मियों की भर्ती के मामले पर पार्षदों के हंगामे पर मेयर ने नगर आयुक्त को जांच के आदेश दिए।
मेयर हेमलता दिवाकर की अध्यक्षता में हुए सदन में मुख्य वित्त अधिकारी ब्रजेश कुमार सिंह ने वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। पार्षदों ने नगर निगम की कमाई घटने पर सवाल उठाए। वरिष्ठ पार्षद रवि माथुर, राकेश जैन, सुहेल कुरैशी, कप्तान सिंह आदि ने गृहकर, किराए आदि से होने वाली आमदनी कम होने पर अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। उनके सवालों के जवाब अफसर दे नहीं सके। इसी तरह पार्किंग और स्लॉटर हाउस से आय कम होने पर पार्षद शरद चौहान और अरविंद मथुरिया ने सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम को कटघरे में खड़ा किया।
सदन में जारी प्रक्रिया का पालन नहीं
पार्षद रवि माथुर ने कहा कि पिछले बजट में सभी पार्षदों के क्षेत्र में 10-10 सफाई कर्मचारी रखना तय हुआ था। पांच करोड़ रुपये बजट भी बढ़ा दिया गया था लेकिन नगर निगम के अधिकारियों ने 1500 कर्मचारी गुपचुप भर्ती कर लिए और सदन में जारी प्रक्रिया का पालन नहीं किया। सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि 40 गैंग काम कर रहे हैं पर सभी 110 पार्षदों ने एक सुर में कहा कि एक भी गैंग और बढ़ा कर्मचारी उन्होंने नहीं देखा।
पार्षद हरिओम बाबा ने कहा कि फर्जी सफाईकर्मी रखे गए हैं, जिनका वेतन निकाला जा रहा है। पार्षद रेखा भास्कर, कप्तान सिंह, राकेश कन्नौजिया ने भी सवाल उठाते हुए हंगामा किया तो मेयर ने कहा कि यह गंभीर मामला है और उसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य को जांच के आदेश दिए गए। कहा गया कि एक माह में बैठक कर सभी पार्षदों के वार्डों में 10-10 कर्मचारी दिए जाएं।
10 हजार स्ट्रीट लाइटें बदली जाएंगी
बजट में स्ट्रीट लाइट पर 26 करोड़ रुपये रखे गए हैं। पहले यह 22 करोड़ थे लेकिन सहायक अभियंता की स्ट्रीट लाइटें बदलने के प्रस्ताव पर सदन ने चार करोड़ की बढ़ोतरी बजट में कर दी। निगम ईईएसएल कंपनी की लगाई 40 हजार लाइटों की देखरेख करती है। सात साल से ज्यादा पुरानी इन लाइटों को चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। इस साल 10 हजार लाइटों को बदलना है।